मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी प्रदेश की कमान संभालने से अब तक की घोषणाओं में 61 फीसदी को पूरा कर दिया है। 4611 घोषणाओं में से 2852 पूरी हुई हैं।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी प्रदेश की कमान संभालने से अब तक की घोषणाओं में 61 फीसदी को पूरा कर दिया है। जबकि 30 प्रतिशत घोषणाओं पर विभिन्न स्तर पर तेजी से काम जारी है। इनके भी जल्द पूरा होने की उम्मीद है। मंगलवार को सचिवालय में मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन की अध्यक्षता में आयोजित समीक्षा बैठक में यह तस्वीर सामने आई।
मुख्य सचिव ने अधिकारियों को मुख्यमंत्री घोषणाओं को प्राथमिकता पर लेते हुए निर्धारित समयसीमा में पूर्ण करने के निर्देश दिए। जिन घोषणाओं का विलोपन करना है या फिर किसी समान प्रकृति की घोषणा में मर्ज की जानी हैं, उन पर भी जल्द से जल्द निर्णय ले लिया जाए।
कुल 4611 घोषणाएं की
बैठक में संबंधित विभागों के अधिकारियों ने बताया कि मुख्यमंत्री की ज्यादातर घोषणाओं को पूरा किया जा चुका है। अब तक की गई 4611 घोषणाओं में केवल 447 का विलोपन या मर्ज किया गया है। लंबित 1759 घोषणाओं में से 1397 पर विभिन्न स्तरों पर कार्यवाही जारी है। इनमें भी 59 आंशिक रूप से पूर्ण हो चुकी हैं। वर्तमान में 303 घोषणाएं ही लंबित हैं। अगस्त 2026 तक इनकी संख्या 627 थी। जो करीब 50 फीसदी गिरकर 303 रह गई हैं।
यह है तस्वीर
● 4611 घोषणाएं कर चुके हैं अब तक मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी
● 2852 घोषणाएं अब तक हो गई हैं पूरी, 1397 पर जारी है कार्य
● 447 को विलोपित किया गया है, 303 घोषणाएं हैं फिलहाल लंबित
लोनिवि सबसे आगे, नागरिक उड्डयन फिसड्डी
मुख्यमंत्री घोषणाओं पर कार्रवाई के मामले में लोक निर्माण विभाग सबसे आगे है। यह 850 में से 716 घोषणाएं पूरी कर चुका है। इसके बाद गृह विभाग, शहरी विकास विभाग और धर्मस्व विभाग क्रमवार दूसरे, तीसरे और चौथे नंबर पर हैं। दूसरी तरफ नागरिक उड्डयन, पंचायती राज, युवा कल्याण और चिकित्सा स्वास्थ्य विभाग को न्यूनतम प्रदर्शन करने वाले विभागों की श्रेणी में रखा गया है।
दूसरे राज्यों की संस्कृति को जानें उत्तराखंड के युवा
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मंगलवार को मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय में हरियाणा भ्रमण पर जा रहे युवाओं को शुभकामनाएं दीं। कहा कि इस प्रकार के भ्रमण विभिन्न राज्यों की संस्कृति, विकास कार्यों, नवाचारी पहलों को नजदीक से समझने का अवसर देते हैं।
सीएम ने कहा कि युवा विभिन्न राज्यों में जाकर वहां की संस्कृति, विशेषताओं, विकास से जुड़ी पहलों और सरकारों की अपनाई कार्यप्रणालियों को जानें। उपयोगी अनुभवों को उत्तराखंड के परिप्रेक्ष्य में भी साझा करें। कहा कि सेवा संकल्प अभियान की भावना भी समाज के विभिन्न वर्गों, युवाओं को सेवा, जनभागीदारी और विकसित भारत के संकल्प से जोड़ने की है। युवाओं के बीच इस प्रकार का संवाद विभिन्न राज्यों की अच्छी पहलों को समझने और आपसी अनुभव साझा करने का प्रभावी माध्यम बन सकता है।