चमोली के भलगांव स्कूल में शिक्षक दिवस पर शिक्षक अनुपस्थित रहे, जिससे बच्चे और अभिभावक निराश हुए। सहायक अध्यापिका रेनू डंगवाल को बिना अवकाश के अनुपस्थित रहने पर निलंबित कर दिया गया है, जबकि प्रधानाध्यापक की रिपोर्ट मांगी गई है।
गोपेश्वर। शिक्षक दिवस पर चमोली जिले के ज्योतिर्मठ ब्लाक के राजकीय जूनियर हाईस्कूल भलगांव में हास्यास्पद स्थिति हो गई। गुरुजनों का सम्मान करने के लिए बच्चे और अभिभावक पहुंच गए लेकिन न तो प्रभारी प्रधानाध्यापक पहुंचे न ही सहायक अध्यापिका आईं। क्लास रूम में ताले लटके रहे।
बच्चों की तैयारी के बाद भी स्कूल में शिक्षक दिवस पर कार्यक्रम नहीं हो पाए। जिला शिक्षा अधिकारी बेसिक ने बिना अवकाश लिए अनुपस्थित रहने पर सहायक अध्यापिका को निलंबित कर दिया है, जबकि प्रभारी प्रधानाध्यापक की रिपोर्ट मांगी गई है।
शिक्षक दिवस की तैयारी कई दिनों से चल रही थी। विद्यालय में पौधारोपण भी किया जाना था। बच्चों की ओर से विद्यालय प्रांगण में कार्यक्रम की तैयारी शुरू कर दी गई थी। अभिभावक भी पहुंच गए थे। घंटों इंतजार के बाद जब कोई शिक्षक नहीं पहुंचे तो बच्चे घर लौट गए।
खंड शिक्षा अधिकारी से मांगी रिपोर्ट
जिला शिक्षा अधिकारी बेसिक पंकज उप्रेती ने बताया कि खंड शिक्षा अधिकारी से रिपोर्ट मांगी गई तो पता चला कि सहायक अध्यापिका रेनू डंगवाल बिना अवकाश के ही अनुपस्थित थीं, जबकि प्रभारी प्रधानाध्यापक देवेंद्र लाल के जनगणना कार्यों में होने की बात सामने आई है।
अनुपस्थित अध्यापिका रेनू डंगवाल को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर खंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय में उपस्थिति दर्ज करने के आदेश दिए गए हैं, जबकि प्रभारी प्रधानाध्यापक देवेंद्र लाल को लेकर तहसीलदार ज्योतिर्मठ से रिपोर्ट मांग कर स्पष्ट करने को कहा गया है कि शिक्षक जगनगणना कार्यों में उपस्थित थे या नहीं।
महिला मंगल दल की अध्यक्ष अंजना भट्ट ने रोष व्यक्त करते हुए कहा कि दूरस्थ ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा व्यवस्था चरमरा गई है और शिक्षकों की मनमानी से बच्चों का भविष्य अंधकारमय हो रहा है। शिक्षक दिवस को मनाने के लिए अविभावक लज्जू देवी, रौशनी देवी, गुड्डी देवी, पुष्पा देवी, सुमन देवी, रिता देवी, अंजना देवी विद्यालय आए थे।