सुरकंडा रोपवे कद्दूखाल में आपदा प्रबंधन की तैयारियों का आकलन करने के लिए एक मॉक ड्रिल आयोजित की गई, जिसमें तकनीकी खराबी के कारण रोपवे में फंसे पर्यटकों को सफलतापूर्वक बचाया गया।
नई टिहरी। सुरकंडा रोपवे कद्दूखाल में आपदा प्रबंधन की तैयारियों को परखने के लिए मॉक ड्रिल आयोजित की गई। मॉक ड्रिल के दौरान रोपवे में तकनीकी कारणों से पर्यटकों के फंसे होने की सूचना प्राप्त हुई, जिस पर रेस्क्यू टीमों द्वारा तत्काल कार्रवाई शुरू की गई।
मॉक ड्रिल के तहत रोपवे की रेस्क्यू टीम द्वारा एक पर्यटक को सुरक्षित बाहर निकाला गया, जबकि दूसरे पर्यटक को एनडीआरएफ की टीम ने सुरक्षित रेस्क्यू किया। तीसरे पर्यटक को निकालने के लिए आईटीबीपी एवं एनडीआरएफ की टीम द्वारा संयुक्त रूप से रेस्क्यू कार्रवाई की गई।
अंतिम पर्यटक मिथुन दास को भी सुरक्षित रेस्क्यू कर लिया गया। घबराहट के कारण उसे सांस लेने में दिक्कत हो रही थी, जिस पर मौके पर मौजूद स्वास्थ्य विभाग की टीम ने प्राथमिक उपचार दिया और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र थत्यूड़ ले जाया गया। स्वास्थ्य विभाग की टीम मौके पर मौजूद रही और रेस्क्यू किए गए पर्यटक को आवश्यक प्राथमिक उपचार उपलब्ध कराया गया।
मॉक ड्रिल के माध्यम से रोपवे में आपात स्थिति उत्पन्न होने पर विभिन्न विभागों के बीच समन्वय, त्वरित रेस्क्यू कार्रवाई, चिकित्सा सहायता एवं आपदा प्रबंधन व्यवस्था की तैयारियों का अभ्यास किया गया।
मॉक ड्रिल के दौरान घटना स्थल पर एसडीएम धनोल्टी अंशुल भट्ट, जिला पर्यटन अधिकारी एस.एस. राणा, स्वास्थ्य विभाग से डॉ. दिविता, तहसीलदार मो. शादाब, सहित बीडीओ जौनपुर, एआरटीओ टिहरी, होमगार्ड, राजस्व विभाग के कार्मिक तथा पीडब्ल्यूडी थत्यूड़ की टीम भी अपने-अपने स्तर से रेस्क्यू एवं राहत कार्यों में तैनात रहे।