Big Breaking:-25 साल के उत्तराखंड में एक मात्र IAS ने कमाई आय से अधिक संपत्ति, मामला दर्ज

उत्तराखंड राज्य बनने के बाद से अब तक केवल एक आईएएस अधिकारी, राम बिलास यादव, पर आय से अधिक संपत्ति का मामला दर्ज हुआ है।

नैनीताल। राज्य में अधिकारियों की संपत्ति में बेशुमार वृद्धि होने के चर्चे भले ही खूब होते हों लेकिन वर्ष 2000 में राज्य बनने के बाद से अब तक केवल एक आइएएस अधिकारी पर ही आय से अधिक संपत्ति का मामला दर्ज हुआ है। यद्यपि दो अधिकारियों के विरुद्ध सतर्कता विभाग की जांच जारी है।

मुख्य वन संरक्षक हल्द्वानी आइएफएस संजीव चतुर्वेदी ने मुख्य सचिव कार्यालय, कार्मिक विभाग से सूचना का अधिकार अधिनियम के तहत राज्य गठन के बाद अब तक आइएएस अधिकारियों भ्रष्टाचार, आय से अधिक संपत्ति के अलावा भ्रष्टाचार से इतर दुराचरण के दर्ज मामलों का ब्योरा मांगा था।

मामला राज्य सूचना आयोग तक अपील में पहुंचा, तो राज्य सूचना आयुक्त कुशलानंद की ओर से विभिन्न तिथियों में सुनवाई कर आदेश पारित किए। अब आयोग के निर्देश पर 15 मई को कार्मिक एवं सतर्कता अनुभाग की ओर से आइएफएस संजीव को महत्वपूर्ण सूचनाएं उपलब्ध कराई हैं।

कार्मिक एवं सतर्कता विभाग की ओर से बताया गया कि सेवानिवृत्त आइएएस रामबिलास यादव और सेवानिवृत्त आइएफएस किशन चंद के मामले में अभियोजन की स्वीकृति हो चुकी है। जबकि हरिद्वार के पूर्व जिलाधिकारी रहे कमेंद्र सिंह व आइआइएस वरुण चौधरी के विरुद्ध विभागीय व सतर्कता विभाग की जांच जारी है।

हरिद्वार में भूमि से संबंधित अनियमितताओं के बाद दोनों अधिकारियों पर कार्रवाई हुई। प्रवर्तन निदेशालय ने राम बिलास यादव के विरुद्ध आपराधिक वाद पंजीकृत किया है।

पूर्व में आइएफएस (अब सेवानिवृत्त) अशोक मिश्रा के विरुद्ध सतर्कता विभाग की जांच को कोर्ट से दोषमुक्त होने के बाद समाप्त कर दिया गया है।

गृह सचिव ओर से उपलब्ध कराई गई जानकारी के अनुसार 23 सितंबर 2025 के आदेश के अनुसार रिटायर्ड आइएएस राम बिलास पर सतर्कता अधिष्ठान देहरादून तथा प्रवर्तन निदेशालय की ओर से मामला दर्ज किया गया है।

रिपोर्ट के अनुसार 31 दिसंबर 2016 से एक जनवरी 2023 से तक यादव की कुल आय 78,51,777 रुपये के सापेक्ष 21.40 करोड़ से अधिक व्यय किया गया। जो कि अर्जित आय का 26.26 प्रतिशत अधिक है।

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