
गढ़वाल राइफल्स रेजिमेंट सेंटर ने दुगड्डा में अग्निवीरों को बैटल क्राफ्ट और फील्ड क्राफ्ट का प्रशिक्षण दिया। इस कैंप में अनुशासन, रेजिमेंटल परंपराओं और टीम वर्क पर विशेष ध्यान दिया गया।
लैंसडौन (पौड़ी)। गढ़वाल राइफल्स रेजिमेंट सेंटर के तत्वावधान में दुगड्डा में आयोजित बेस कैंप में अग्निवीरों को बैटल क्राफ्ट समेत युद्धाभ्यास के कई गुर सिखलाए गए।
इस दौरान अग्निवीरों के अनुशासन के साथ रेजिमेंटल परंपराओं पर विशेष ध्यान दिया गया। अग्निवीरों में समन्वय की बढ़ाने के लिए इंट्रा कंपनी रस्साकसी प्रतियोगिता का भी आयोजन किया गया।
दुगड्डा में आयोजित गढ़वाल राइफल्स रेजिमेंट सेंटर के बेस कैंप में रक्षात्मक मोर्चा तैयार करने का व्यावहारिक अभ्यास अग्निवीरों ने किया। कैंप के दौरान फील्ड क्राफ्ट व बैटल क्राफ्ट के महत्वपूर्ण पहलुओं का प्रशिक्षण दिया गया।
जवानों को छलावरण (कैमफ्लाज), छिपाव (कंसीलमेंट), सेक्शन स्तर पर आगे बढ़ने की कार्रवाई, क्षेत्र अवलोकन, सुरक्षा अभ्यास, ट्रेंच खोदना व रक्षात्मक मोर्चा तैयार करने का व्यावहारिक अभ्यास कराया गया।
साथ ही अनुशासन एवं रेजिमेंटल परंपराओं पर विशेष ध्यान दिया गया। उत्साह व समन्वय बढ़ाने के लिए इंट्रा-कंपनी रस्साकसी प्रतियोगिता भी आयोजित की गई, जिससे नेतृत्व क्षमता एवं टीम वर्क को मजबूती मिली।
- कैंप का समापन गुमखाल से लैंसडौन तक 12 किलोमीटर रूट मार्च के साथ हुआ।
अंतिम चरण में पर्यावरण संरक्षण गतिविधि के तहत गढ़वाल राइफल्स के कमांडेंट ब्रिगेडियर विनोद सिंह नेगी व कालागढ़ रिजर्व टाइगर के प्रभागीय वनाधिकारी तरुण एस. के नेतृत्व में अग्निवीरों ने आसपास के जंगलों में फैली लैंटाना हटाने के अभियान में भाग लिया।
यह कैंप सैन्य प्रशिक्षण के साथ-साथ सामाजिक व पर्यावरणीय जिम्मेदारी का उत्कृष्ट उदाहरण रहा।









