उत्तराखंड सरकार ने अग्निवीरों के लिए बड़ा फैसला लिया है, जिसके तहत उन्हें सरकारी वर्दीधारी सेवाओं में बिना भर्ती परीक्षा और शारीरिक मानक के नौकरी मिलेगी।
हरिद्वार। सेना में पांच साल की सेवा के उपरांत वापस आने वाले अग्निवीरों के सेवायोजन के लिए प्रदेश सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है। अग्निवीरों को अब वर्दीधारी सरकारी सेवाओं के लिए भर्ती परीक्षा व शारीरिक मानक एवं दक्षता परीक्षा नहीं देनी होगी।
साथ ही उन्हें अग्निवीर के रूप में चार वर्ष अथवा कुल सेवा अवधि के बराबर आयु सीमा में छूट भी मिलेगी। केंद्र सरकार की अपेक्षाओं की क्रम में इस प्रस्ताव को पुष्कर सिंह धामी कैबिनेट ने अपनी स्वीकृति प्रदान कर दी है। हरियाणा और गुजरात के बाद अब उत्तराखंड अग्निवीरों के हित में यह महत्वपूर्ण निर्णय लिया है।
साथ ही कैबिनेट ने तृतीय विधानसभा सत्र कराने को अपनी सहमति प्रदान करते हुए जगह व तिथि तय करने के लिए मुख्यमंत्री को अधिकृत किया है। यद्यपि, यह माना जा रहा है कि यह सत्र 27 व 28 अक्टूबर को गैरसैंण में आयोजित किया जा सकता है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में सोमवार को हरिद्वार के मेला नियंत्रण सभागार में हुई कैबिनेट बैठक में 13 विषयों पर स्वीकृति प्रदान की गई। सबसे पहले कैबिनेट ने उत्तराखंड के विकास में निरंतर सहयोग के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी एवं भारत सरकार का आभार प्रकट किया।
कैबिनेट ने अहम निर्णय में वर्दीधारी पदों पर सेवामुक्त अग्निवीरों को रखने के लिए वर्ष 2025 में जारी क्षैतिज आरक्षण नियमावली को संशोधित करते हुए सेवामुक्त अग्निवीरों को क्षैतिज आरक्षण नियमावली, 2026 प्रख्यापित करने को सहमति प्रदान की है।
इसके तहत इन अग्निवीरों को गृह, वन, परिवहन, आबकारी, सचिवालय सेवा में समूह ग के सीधी भर्ती के रिक्त पदों के सापेक्ष सरकारी सेवाओं में लिया जाएगा। प्रदेश सरकार ने इन विभागों में रिक्त 181 पदों की सूचना केंद्र को भेज दी है।
मुख्यमंत्री बाल वीरता पुरस्कार को स्वीकृति
कैबिनेट ने एक अहम निर्णय के लिए मुख्यमंत्री राज्य बाल वीरता पुरस्कार योजना को भी सहमति प्रदान की है। इस योजना के तहत विपरीत परिस्थितियों में साहस, पराक्रम, मानवीय संवेदना व धैर्यपूर्वक कार्य करने वाले बच्चों को सम्मानित किया जाएगा।
कैबिनेट के अन्य निर्णय
- श्री मदन माहन मालवीय प्राच्य शोध संस्थान के विकास के लिए सोसायटी गठन को सैद्धांतिक अनुमोदन
- उत्तराखंड निवेश और आधारिक संरचना विकास विकास से संबंधित अधिनियम की अनुसूची में संशोधन
- उत्तराखंड बाढ़ मैदान परिक्षेत्रण नियमावली 2026 को स्वीकृति
- उत्तराखंड अग्निशमन एवं आपात सेवा विधेयक को विधानसभा में प्रस्तुत करने को स्वीकृति
- संस्कृत विभाग में वित्तीय अधिकारों से सबंधित व्यवस्था में संशोधन को स्वीकृति
- स्वजल एवं राज्य जल एवं स्वच्छता मिशन के 215 पदों की निरंतरता पर मुहर
- हरिद्वार के किफायती आवासीय परियोजना के पहुंच मार्ग की चौड़ाई में शिथिलता को स्वीकृति
- द्वितीय उत्तराखंड जन विश्वास (प्रविधानों में संशोधन) अधिनियम, 2026 के तहत पांच अधिनियमों में होंगे बदलाव।



