उत्तराखण्ड

Big Breaking:-उत्तरकाशी में एवलांच का कहर: 8 लापता ट्रेकर्स में 2 के शव मिले, बाकी की तलाश जारी

मंगलवार को राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (SDRF) और नेहरू पर्वतारोहण संस्थान (NIM) की संयुक्त टीम ने केदार खरक के पास तलाशी अभियान के दौरान एक पुरुष और एक महिला का शव बरामद किया। दोनों की पहचान अभी नहीं हो पाई है। बाकी

उत्तराखंड के उत्तरकाशी जिले में केदारताल ट्रेक पर एवलांच (हिमस्खलन) के बाद लापता हुए आठ लोगों में से दो के शव बरामद कर लिए गए हैं। मंगलवार को राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (SDRF) और नेहरू पर्वतारोहण संस्थान (NIM) की संयुक्त टीम ने केदार खरक के पास तलाशी अभियान के दौरान एक पुरुष और एक महिला का शव बरामद किया। दोनों की पहचान अभी नहीं हो पाई है। बाकी छह लोगों की तलाश जारी है।

हिंदुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट में उत्तरकाशी के जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी (DDMO) शार्दुल गुंसाई ने बताया कि SDRF और NIM की संयुक्त टीम ने सैटेलाइट फोन के जरिए शव मिलने की सूचना दी। मंगलवार दोपहर करीब 3 बजे दिन का तलाशी अभियान पूरा करने के बाद टीम केदार खरक स्थित अपने बेस कैंप लौट गई। बुधवार को फिर से सर्च ऑपरेशन शुरू किया जाएगा।

रेस्क्यू अभियान को आसान बनाने के लिए घटनास्थल के पास एक वैकल्पिक हेलीपैड भी तैयार किया गया है। अधिकारियों के मुताबिक, तलाशी के दौरान टीम को केदार खरक के पास टेंट और सामान से भरे बैग भी मिले हैं। यह ट्रेक मार्ग पर करीब 4,000 मीटर की ऊंचाई पर स्थित दूसरा प्रमुख कैंपिंग स्थल है।

पश्चिम बंगाल और यूपी के ट्रेकर्स थे लापता

29 अक्टूबर को केदारताल से लौटते समय केदार खरक के पास हिमस्खलन हुआ था। इसके बाद आठ लोग लापता हो गए थे। इनमें पश्चिम बंगाल के पांच पुरुष ट्रेकर्स, उत्तर प्रदेश की दो महिला ट्रेकर्स और उत्तरकाशी का एक स्थानीय गाइड शामिल था। यह 12 सदस्यीय अभियान था, जिसमें सात ट्रेकर्स और पांच सहयोगी कर्मचारी शामिल थे। दल ने 27 अक्टूबर को गंगोत्री से अपनी यात्रा शुरू की थी और 29 अक्टूबर तक वापस लौटने की योजना थी।

30 अक्टूबर को चार सहयोगी कर्मचारी किसी तरह गंगोत्री लौटने में सफल रहे। उन्होंने बताया कि हिमस्खलन के दौरान बाकी आठ लोगों से उनका संपर्क टूट गया था। इसके बाद ट्रेकिंग एजेंसी ‘सोल सीकर’ ने प्रशासन को सूचना दी, जिसके बाद बचाव दलों को तुरंत रवाना किया गया।

15 हजार फीट से ज्यादा ऊंचाई पर हुआ हादसा

केदारताल समुद्र तल से करीब 15,485 फीट (4,720 मीटर) की ऊंचाई पर स्थित हिमनद झील है। यहां तक पहुंचने के लिए गंगोत्री से करीब 18 किलोमीटर लंबा और कठिन ट्रेक करना पड़ता है। रास्ते में घने जंगल, ऊंचे पहाड़ी घास के मैदान और अस्थिर चट्टानी इलाके आते हैं। SDRF के कमांडेंट अर्पण यदुवंशी के मुताबिक, क्षेत्र में खराब मौसम के कारण तलाशी और बचाव अभियान में मुश्किलें आ रही हैं। इसके बावजूद टीमें लापता लोगों की तलाश में जुटी हैं।

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