Big Breaking:-Budget 2026: निकायों की हो चुकी क्रेडिट रेटिंग, अब जारी होंगे म्युनिसिपल बांड

केंद्रीय बजट में म्युनिसिपल बांड को बढ़ावा देने से उत्तराखंड के नगर निकायों को वित्तीय स्वावलंबन मिलेगा। देहरादून सहित कई शहरों की क्रेडिट रेटिंग हो चुकी है, जिससे बांड जारी होने की उम्मीद बढ़ी है। इन बांड से प्राप्त राशि का उपयोग सड़क,

सीवर और स्ट्रीट-लाइटिंग जैसे बुनियादी ढांचा परियोजनाओं में होगा। बजट में ग्रामीण विकास, शहरी बुनियादी ढांचे, पीएम आवास योजना और स्वच्छता मिशन के लिए भी प्रावधान किए गए हैं, जिससे राज्य में समग्र विकास को गति मिलेगी।

देहरादून। यह केंद्रीय बजट उत्तराखंड के नगर निकायों के लिए वित्तीय स्वावलंबन और जमीनी विकास की राह खोलता दिख रहा है। बजट में नगर निकायों के लिए म्युनिसिपल बांड को बढ़ावा देने के प्रविधान ने राज्य के शहरी निकायों में नई उम्मीद जगा दी है।

बजट में बड़े शहरों को उच्च मूल्य के नगरपालिका बांड जारी करने पर 100 करोड़ और छोटे-मध्यम कस्बों के लिए 200 करोड़ तक के प्रोत्साहन का प्रविधान किया गया है। इससे उत्तराखंड के नगर निगमों को वित्तीय मजबूती मिलने और सरकार पर निर्भरता घटने की संभावना बढ़ी है।

उत्तराखंड म्युनिसिपल बांड जारी करने की पूर्व में भी तैयारी करा चुका है। देहरादून, हरिद्वार, रुड़की, काशीपुर, रुद्रपुर, हल्द्वानी, ऋषिकेश और कोटद्वार नगर निगमों की क्रेडिट रेटिंग भी कराई गई थी।

अब नई व्यवस्था के बाद इन शहरों में म्युनिसिपल बांड जारी होने की उम्मीद तेज हो गई है। बांड से मिलने वाली राशि का उपयोग सड़क, नाली, गलियों, सीवर, स्ट्रीट-लाइटिंग और सार्वजनिक स्थानों के विकास में किया जा सकेगा।

क्रेडिट रेटिंग

निकायों की क्रेडिट रेटिंग उसकी वित्तीय स्थिति, राजस्व और ऋण प्रबंधन को देखकर तय की जाती है। इससे यह पता चलता है कि निकाय बांड जारी करके निवेशकों से कितना भरोसेमंद ढंग से फंड जुटा सकता है।

गांवों में बनेंगे सड़क, पुल

बजट में ग्रामीण क्षेत्रों को भी 16वें वित्त आयोग की सिफारिशों के तहत राज्यों 1.4 लाख करोड़ का अनुदान मिलेगा, जिससे ग्राम पंचायत और जिला पंचायत स्थानीय सड़कें, जल निकासी, छोटे पुल और बुनियादी सेवाओं को बेहतर बना सकेंगी।

पक्के घरों का निर्माण तेज होगा

2-3-टियर शहरों के लिए केंद्रीय बजट में आवंटन किया गया है। इससे शहरी बुनियादी ढांचा मजबूत होगा और जीवन स्तर में सुधार आएगा। अमृत योजना के जरिए देहरादून, हल्द्वानी, रुद्रपुर, हरिद्वार और नैनीताल में पेयजल, सीवर, ड्रेनेज और सार्वजनिक पार्कों से जुड़े अधूरे कार्यों में तेजी आएगी। वहीं प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत गरीब परिवारों के लिए पक्के घरों का निर्माण तेज होगा।

कचरा प्रबंधन की सुधरेगी हालत

स्वच्छ भारत मिशन (शहरी) के लिए 2,500 करोड़ व ग्रामीण के लिए 7,192 करोड़ के प्रविधान से नगर निकायों और पंचायतों को कचरा प्रबंधन, सीवेज ट्रीटमेंट, नाली सफाई और कचरा प्रसंस्करण इकाइयों पर काम करने का अवसर मिलेगा।

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