देहरादून के वसंत विहार में नकली दवाइयों की फैक्टरी का भंडाफोड़ हुआ है, जिसमें दो लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है।
देहरादून। वसंत विहार क्षेत्र में चल रही नकली दवाइयों की फैक्टरी चलाने के मामले में पुलिस ने दो के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है।
बुधवार को खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (एफएसडीए) उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड औषधि निरीक्षकों और पुलिस की संयुक्त टीम ने बड़ी कार्रवाई करते हुए नकली दवाइयों के निर्माण और पैकिंग का भंडाफोड़ किया था। यह कार्रवाई लखनऊ के अमीनाबाद थाने में दर्ज नकली दवा प्रकरण की जांच के आधार पर की गई।
जांच के दौरान गिरफ्तार आरोपी राजेंद्र सिंह उर्फ अरुण टुंडा ने पूछताछ में बताया कि वह नकली दवाइयां हरिद्वार निवासी गौरव त्यागी और विपिन भटनागर से लेकर बाजार में बेचता था। उसकी निशानदेही पर टीम ने देवीपुर, न्यू हाईवे रोड, ईस्ट होपटाउन स्थित एक परिसर में छापा मारा।
बदामद हुआ ये सामान
मौके से बड़ी मात्रा में नामी कंपनियों की नकली दवाइयां, प्रिंटेड एल्युमिनियम फॉयल, मोनो कार्टन, पैकिंग सामग्री, तैयार टैबलेट और कैप्सूल, पैकिंग मशीन, स्ट्रिप मशीन, इंकजेट प्रिंटर, कंप्रेसर तथा अन्य उपकरण बरामद किए गए।
मौके पर क्लैवैक्टम-625, रैजो-डी समेत कई चर्चित ब्रांड की पैकिंग सामग्री मशीनों पर लगी मिली। टीम ने पांच दवाओं के नमूने जांच के लिए राजकीय औषधि विश्लेषणशाला, देहरादून भेजे हैं, जबकि भारी मशीनों को मौके पर ही सील कर दिया गया और अन्य सामग्री को पैक कर जब्त किया गया।
मकान मालिक विनय चंद किरायानामा प्रस्तुत नहीं कर सके। उन्होंने बताया कि परिसर करीब पांच-छह महीने पहले गौरव त्यागी को किराये पर दिया गया था। जांच टीम ने प्रथम दृष्टया मकान मालिक की संलिप्तता भी संदिग्ध मानते हुए कार्रवाई की।
जांच रिपोर्ट आने के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई
औषधि एवं प्रसाधन अधिनियम, 1940 के उल्लंघन तथा भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की विभिन्न धाराओं के तहत राजेंद्र सिंह उर्फ अरुण टुंडा और विनय चंद के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है। मौके से राजेंद्र सिंह का मोबाइल भी सील कर पुलिस के सुपुर्द किया गया। मामले में जब्त दवा नमूनों की जांच रिपोर्ट आने के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।