Big Breaking:-उत्तराखंड में मदरसों की संबद्धता पर सीईओ की कड़ी निगरानी, शिक्षा में एकरूपता का लक्ष्य

राज्य में पहली से आठवीं कक्षा तक के मदरसों की संबद्धता प्रक्रिया की अब मुख्य शिक्षा अधिकारी (सीईओ) नियमित निगरानी करेंगे।

देहरादून। राज्य में संचालित पहली से आठवीं कक्षा तक लगभग 400 मदरसों की संबद्धता प्रक्रिया की अब जनपद स्तर पर मुख्य शिक्षा अधिकारी (सीईओ) नियमित मानीटरिंग करेंगे।

निदेशक प्रारंभिक शिक्षा ने सभी 13 जिलों के सीईओ को निर्देश दिए हैं कि मदरसों की संबद्धता से जुड़ी प्रगति रिपोर्ट समय-समय पर प्रारंभिक शिक्षा निदेशालय को भेजी जाए।

राज्य सरकार शिक्षा व्यवस्था में एकरूपता लाने और सभी संस्थानों को मुख्यधारा की शिक्षा से जोड़ने के उद्देश्य से नई व्यवस्था लागू कर रही है।

इसी क्रम में पिछले वर्ष अक्टूबर में उत्तराखंड अल्पसंख्यक शिक्षा अधिनियम लागू किया गया था। इसके तहत राज्य के सभी मदरसे एक जुलाई, 2026 से अधिनियम के अंतर्गत गठित अल्पसंख्यक शिक्षा प्राधिकरण के दायरे में आ जाएंगे।

इसके साथ ही उत्तराखंड मदरसा बोर्ड का अस्तित्व भी समाप्त हो जाएगा। शिक्षा विभाग के अनुसार आठवीं तक संचालित मदरसों को जिला स्तर पर एवं नौवीं से 12वीं तक संचालित मदरसों को 30 जून तक उत्तराखंड शिक्षा बोर्ड से संबद्धता प्राप्त करनी होगी।

प्रभारी प्रारंभिक शिक्षा निदेशक डा. मुकुल कुमार सती ने बताया कि पहली से आठवीं तक के मदरसों को शिक्षा विभाग के पोर्टल पर आनलाइन आवेदन करना होगा।

यदि आवेदन प्रक्रिया में किसी प्रकार की समस्या आती है तो संबंधित जिले के मुख्य शिक्षा अधिकारी से संपर्क किया जा सकता है।

उन्होंने कहा कि संबद्धता प्रक्रिया तय समय सीमा के भीतर पूरी हो, इसके लिए सभी जिलों में नियमित समीक्षा की जाएगी।

आधुनिक शिक्षा से जोड़ने की तैयारी

नई व्यवस्था के तहत मदरसों को उत्तराखंड शिक्षा बोर्ड से संबद्धता, समान पाठ्यक्रम और आधुनिक शिक्षा प्रणाली से जोड़ा जाएगा।

सरकार का उद्देश्य मुस्लिम सहित सभी अल्पसंख्यक समुदायों के बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराना और उन्हें मुख्यधारा से जोड़ना है।

मदरसों में पारंपरिक शिक्षा के साथ विज्ञान, गणित और कंप्यूटर जैसे आधुनिक विषयों पर विशेष जोर दिया जाएगा।

राज्य अल्पसंख्यक शिक्षा प्राधिकरण तय करेगा पाठ्यक्रम

राज्य सरकार ने उत्तराखंड राज्य अल्पसंख्यक शिक्षा प्राधिकरण का गठन कर दिया है। इसमें प्रोफेसर सुरजीत सिंह गांधी को अध्यक्ष बनाया गया है।

प्रो. राकेश जैन, डा. सैय्यद अली हमीद, प्रो. पेमा तेनजिन, डा. एल्बा मेड्रेले, प्रो. रोबिना अमन, प्रो. गुरमीत सिंह, सेवानिवृत्त आइएएस चंद्रशेखर भट्ट और राजेंद्र सिंह बिष्ट को सदस्य नामित किया गया है।

शिक्षा महानिदेशक एवं निदेशक एससीईआरटी पदेन सदस्य होंगे, जबकि निदेशक अल्पसंख्यक कल्याण को पदेन सदस्य सचिव बनाया गया है।

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