केंद्र सरकार के नए नियमों के अनुसार, गियर वाली बाइक का लाइसेंस रखने वाले स्कूटर भी चला सकेंगे, लेकिन बिना गियर वाले वाहन का लाइसेंस धारक गियर वाली बाइक नहीं चला पाएगा।
देहरादून। दोपहिया वाहनों के ड्राइविंग लाइसेंस को लेकर केंद्र सरकार के नए नियमों के बाद बनी असमंजस की स्थिति अब साफ हो गई है।
यदि किसी के पास गियर वाले दोपहिया का स्थायी वैध ड्राइविंग लाइसेंस है तो वह बिना गियर वाली दोपहिया (बाइक या स्कूटी) भी चला सकेगा। लेकिन इसके उलट बिना गियर वाले दोपहिया का लाइसेंस रखने वाला चालक गियर वाला दोपहिया नहीं चला सकेगा।
आरटीओ (प्रशासन) संदीप सैनी ने बताया कि जन विश्वास अधिनियम, 2026 के तहत मोटर वाहन अधिनियम की धारा 9 की उपधारा (6) में कोई बदलाव नहीं किया गया है। इस उपधारा के प्रविधान के अनुसार, गियर वाला दोपहिया चलाने की परीक्षा में सफल व्यक्ति को बिना गियर वाला दोपहिया चलाने की परीक्षा में भी सफल माना जाता है। यानी गियर वाले दोपहिया का लाइसेंस रखने वाले चालक को स्कूटी या अन्य बिना गियर वाले दोपहिया के लिए अलग लाइसेंस की आवश्यकता नहीं है।
अब लर्निंग लाइसेंस लेते समय रखें ध्यान
नए बदलाव का असर मुख्य रूप से उन लोगों पर पड़ेगा जो अब लर्निंग लाइसेंस के लिए आवेदन कर रहे हैं। जन विश्वास अधिनियम, 2026 में पुरानी व्यवस्था को हटाया गया है। यह प्रविधान पुराने लाइसेंसधारकों को गियर और बिना गियर दोनों तरह के दोपहिया चलाने की मान्यता से संबंधित था।
इसका सीधा मतलब यह है कि अब अगर कोई व्यक्ति बिना गियर वाले दोपहिया के लिए लर्निंग लाइसेंस का आवेदन करता है तो उसका आगे जारी होने वाला स्थायी लाइसेंस भी उसी श्रेणी यानी बिना गियर वाले दोपहिया का होगा।
ऐसे लाइसेंस पर गियर वाला दोपहिया चलाने की अनुमति नहीं होगी। वहीं, यदि लर्निंग लाइसेंस गियर वाले दोपहिया का लिया गया है और उसके आधार पर स्थायी ड्राइविंग लाइसेंस जारी होता है, तो चालक बिना गियर वाला दोपहिया भी चला सकता है।
पुराने चालकों के लिए भी समझें फर्क
आरटीओ प्रशासन के अनुसार, मौजूदा व्यवस्था में गियर वाले दोपहिया का लाइसेंस रखने वाले चालकों के लिए स्कूटी चलाने पर कोई नई रोक नहीं लगाई गई है। बदलाव का मेन असर लाइसेंस की श्रेणी तय होने और विशेष रूप से नए लर्निंग लाइसेंस के मामलों पर है।
आरटीओ प्रशासन ने वाहन चालकों से अपील की है कि लाइसेंस के लिए आवेदन करते समय दोपहिया वाहन की सही श्रेणी का चयन करें। इससे आगे स्थायी लाइसेंस जारी होने के बाद वाहन चलाने की पात्रता को लेकर किसी तरह का भ्रम नहीं रहेगा।