Big Breaking:-उत्तराखंड में व्यावसायिक गैस सिलेंडरों संकट: होटल, रेस्तरां और ढाबे प्रभावित

देहरादून और उत्तराखंड में व्यावसायिक गैस सिलेंडरों की कमी से ढाबे, रेस्तरां और होटल संकट में हैं।

देहरादून। राजधानी देहरादून के साथ प्रदेश में व्यावसायिक गैस सिलिंडर की आपूर्ति न होने से ढाबा, रेस्टोरेंट, होटल कारोबारियों के सामने संकट खड़ा होने लगा है। गैस एजेंसियों की प्राथमिकता अस्पताल एवं शिक्षण संस्थानों को आपूर्ति देना है।

बकायदा इसके लिए सरकार ने तेल कंपनियों को निर्देश जारी किए हैं। प्रदेश के अधिकतर जिलों में मंगलवार को दोपहर बाद व्यावसायिक सिलिंडर का स्टाक खत्म हो गया।

हालांकि, घरेलू गैस की आपूर्ति में अभी किसी तरह की दिक्कतें नहीं हैं। डीएसओ की टीम एजेंसियों के स्टाक की लगातार चेकिंग कर रही हैं।

ईरान-इजरायल के बीच चल रहे युद्ध से भारत समेत अन्य देशों की ईधन आपूर्ति व्यवस्था पटरी से उतरने लगी है। घरेलू और व्यावसायिक गैस के दाम अचानक बढ़ गए हैं।

व्यावसायिक सिलिंडर की आपूर्ति व्यवस्था बाधित होने लगी है। मंगलवार को प्रदेश के अधिकतर गैस एजेंसियों में व्यावसायिक सिलिंडर का स्टाक दोपहर 12 बजे तक खत्म हो गया था। होटल, ढाबा, रेस्टोरेंट कारोबारी एजेंसियों के चक्कर काटते रहे। सिलिंडर नहीं मिल पाए।

प्रदेश में आइओसी, बीपीसी, एचपीसी की तकरीबन 350 एजेंसियां हैं। जिसमें घरेलू गैस कनेक्शन उपभोक्ताओं की संख्या 29 लाख एवं व्यावसायिक कनेक्शन की संख्या 55 हजार है।

जिला पूर्ति विभाग की ओर से विधिवत एजेंसियों के स्टाक चेक किए जा रहे हैं। इसके साथ ही प्रतिदिन की गैस डिलीवरी एवं बुकिंग का रिकार्ड दर्ज किया जा रहा है।

जिससे अधिक समय पर बैकलाग की स्थिति पैदा न हो सके। इसके साथ ही कालाबाजारी रोकने के लिए स्पेशल टीम गठित की गई है।

देहरादून की एजेंसियों में दोपहर तक स्टाक खत्म

मंगलवार को दून की अधिकतर एजेंसियों में दोपहर एक बजे तक व्यावसायिक गैस सिलिंडर का स्टाक समाप्त हो गया। देहरादून जिले में वर्तमान में 78 गैस एजेंसियां हैं।

जिसमें आइओसी की 54 एजेंसी, बीपीसी की 16, एचपीसी की आठ एजेंसियां शामिल हैं। तीनों कंपनियों के व्यावसायिक गैस कनेक्शन उपभोक्ताओं की संख्या 19627 है।

शिक्षण संस्थान एवं अस्पताल को विधिवत व्यावसायिक सिलिंडर उपलब्ध हो सके, इसको लेकर जिला पूर्ति अधिकारी केके अग्रवाल आयल कंपनियों से लगातार संपर्क साध रहे हैं। जिससे अस्पताल एवं शिक्षण संस्थानों में गैस की विधिवत सप्लाई हो सके।

घरेलू गैस उपभोक्ताओं को घबराने की नहीं जरूरत

प्रदेश में घरेलू गैस उपभोक्ताओं की कनेक्शन की संख्या 29 लाख है। प्रदेश की सभी गैस एजेंसियों में पर्याप्त गैस का स्टाक है।

इसके अलावा एजेंसियों को अतिरिक्त गैस की गाड़ियां उपलब्ध कराने का प्रयास किया जा रहा है। जिन उपभोक्ताओं ने गैस बुकिंग की है, उनको 25 दिन में उपलब्ध कराने के निर्देश जारी किए गए हैं।

कालाबाजारी पर होगा मुकदमा दर्ज

गैस की कालाबाजारी करने पर मुकदमा दर्ज किया जाएगा। सरकार ने जिला प्रशासन को सख्त निर्देश दिए हैं।

इसके साथ ही जिला पूर्ति अधिकारियों को विशेष टीम धरातल पर उतराने के निर्देश दिए हैं। साथ ही आमजन से अपील की गई है।

गैस की कालाबाजारी करने वाले व्यक्ति की सूचना जिला पूर्ति कार्यालय एवं प्रशासन को दी जाए। सूचना देने वाले व्यक्ति का नाम सार्वजनिक नहीं किया जाएगा।

घरेलू गैस उपभोक्ताओं को घबराने की आवश्यकता नहीं है। एजेंसियों में घरेलू सिलिंडर का पर्याप्त स्टाक है। अस्पताल एवं शिक्षण संस्थान को व्यावसायिक गैस उपलब्ध कराना पहली प्राथमिकता है। अभी कुछ समय तक आपूर्ति में दिक्कतें रहेंगी। गैस की कालाबाजारी करने पर मुकदमा दर्ज किया जाएगा।
पीएस पांगती, अपर आयुक्त

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