
देहरादून के मालदेवता क्षेत्र में रविवार रात एक तेज रफ्तार डंपर ने 17 वर्षीय छात्र शिवांशु को कुचल दिया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई।
देहरादून। रायपुर क्षेत्र स्थित मालदेवता के पास शेरकी गांव में रविवार रात सड़क हादसे में 17 वर्षीय छात्र की मौत हो गई।
हादसे के बाद पूरे क्षेत्र में आक्रोश फैल गया और स्वजनों ने शव को सड़क पर रखकर जाम लगा दिया।
जानकारी के अनुसार, शेरकी गांव निवासी 17 वर्षीय शिवांशु रविवार शाम 8:45 बजे अपने घर के पास पैदल जा रहा था।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, इसी दौरान तेज रफ्तार डंपर ने उसे टक्कर मार दी और कुचलते हुए आगे निकल गया।
गंभीर चोटों के कारण शिवांशु की मौके पर ही मौत हो गई। हादसे के तुरंत बाद चालक डंपर लेकर फरार हो गया।
घटना की खबर मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया। स्वजन और स्थानीय ग्रामीण मौके पर एकत्र हो गए।
गुस्साए लोगों ने शिवांशु के शव को सड़क पर रखकर जाम लगा दिया और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की।
ग्रामीणों का आरोप है कि क्षेत्र में लंबे समय से अवैध खनन से जुड़े डंपर तेज रफ्तार में दौड़ते हैं, लेकिन इस पर कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की जाती।
स्थानीय लोगों का कहना है कि मालदेवता और आसपास के क्षेत्रों में देर रात तक भारी वाहन गुजरते रहते हैं, जिससे आम नागरिकों, खासकर बच्चों और बुजुर्गों की सुरक्षा खतरे में रहती है।
ग्रामीणों ने बताया कि इससे पहले भी इसी तरह की घटनाएं हो चुकी हैं, जिनकी शिकायत संबंधित अधिकारियों से की गई थी, लेकिन हालात में कोई सुधार नहीं हुआ।
सूचना मिलने पर रायपुर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को संभालने का प्रयास किया। अधिकारियों ने स्वजनों को उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया, जिसके बाद देर रात जाम खुल सका।
पुलिस ने अज्ञात डंपर चालक के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर उसे हिरासत में ले लिया है।
ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि क्षेत्र में अवैध खनन और तेज रफ्तार भारी वाहनों पर सख्त कार्रवाई की जाए।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है आरोपित के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
सीओ रायपुर रीना राठौर ने बताया कि घटना के बाद घटना के बाद सीसीटीवी फुटेज के आधार पर आरोपित डंपर चालक को हिरासत में लेते हुए डंपर को सीज कर दिया गया। तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज किया जा रहा है।
घटना खड़े किए सवाल
यह हादसा एक बार फिर सवाल खड़े करता है कि रिहायशी इलाकों में भारी वाहनों की आवाजाही पर प्रभावी नियंत्रण क्यों नहीं है। स्थानीय लोग अब स्थायी समाधान की मांग कर रहे हैं ताकि भविष्य में किसी और परिवार को इस तरह का दुख न झेलना पड़े।









