
देहरादून में राशन कार्ड की ई-केवाईसी न कराने पर उपभोक्ताओं को आयुष्मान योजना के इलाज से वंचित होना पड़ेगा।
देहरादून। राशन कार्ड की ई-केवाईसी न कराने पर उपभोक्ताओं को आयुष्मान योजना के तहत मिलने वाले इलाज से भी वंचित होना पड़ेगा।
वजह है कि आयुष्मान योजना की पात्रता में शामिल होने और बने रहने के लिए राशन कार्ड प्रमुख दस्तावेज है।
ऐसे में राशन कार्ड के निरस्त होने के साथ ही आयुष्मान योजना से उपभोक्ता स्वयं ही बाहर हो जाएंगे। देहरादून जिले में 10 प्रतिशत उपभोक्ताओं की ई-केवाईसी नहीं हुई है।
डीएसओ केके अग्रवाल ने बताया कि राशन कार्ड की ई-केवाईसी उपभोक्ताओं के लिए अतिवाश्यक है।
राशन कार्ड की पात्रता में बने रहने के लिए केवाईसी जरूरी है। जो उपभोक्ता केवाईसी नहीं करा रहे हैं, उनके राशन कार्ड को निरस्त कर दिया जाएगा।
राशन कार्ड निरस्त होने के साथ ही सरकारी राशन एवं आयुष्मान योजना से भी वंचित होना पड़ेगा। इसलिए पात्रता में बने रहने के लिए केवाईसी जरूरी है।
स्वास्थ्य विभाग की ओर से आयुष्मान योजना के पात्रों का डेट भी पूर्ति विभाग की वेबसाइट से लिया जाता है।
जिसके बाद कार्ड धारक को आयुष्मान योजना की पात्रता में शामिल किया जाता है। लेकिन 10 प्रतिशत उपभोक्ता ऐसे हैं, जो पात्रता में बने रहने के लिए गंभीर नहीं हैं।
ऐसे में उन उपभोक्ताओं को आने वाले समय में योजना से वंचित किया जा सकता है।
बताया उपभोक्ताओं को केवाईसी को लेकर कई बार अपील की गई है। इसके अलावा राशन विक्रेताओं के माध्यम से भी जागरुक किया गया है। बावजूद लापरवाही बरती जा रही है।









