देहरादून में मानसून के दौरान सहस्रधारा और मालदेवता जैसे पर्यटक स्थलों पर नदी-नालों में जलस्तर बढ़ने से हादसे हो रहे हैं। अगस्त माह में ही तीन पर्यटकों की डूबने से मौत हो चुकी है, जिसके बाद प्रशासन ने सुरक्षा बढ़ाने के निर्देश दिए हैं।
देहरादून। मानसून में देहरादून के आसपास के पर्यटक स्थल लोगों के आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं, लेकिन नदी-नालों और झरनों के किनारे मौज-मस्ती कई बार जान पर भारी पड़ रही है। सहस्रधारा और मालदेवता जैसे लोकप्रिय पिकनिक स्थलों पर बारिश के दौरान अचानक जलस्तर बढ़ने और तेज बहाव का खतरा बना रहता है।
इसके बावजूद बड़ी संख्या में पर्यटक पानी के बेहद करीब पहुंच रहे हैं। ऐसे में डूबने और बहने की घटनाएं लगातार चिंता बढ़ा रही हैं। अगस्त माह में ही मालदेवता व सहस्त्रधारा में डूबने की तीन घटनाएं सामने आ चुकी हैं। सहस्रधारा और मालदेवता को बारिश के मौसम में संवेदनशील क्षेत्र माना जाता है। हालिया बारिश के दौरान दोनों क्षेत्रों में नदी-नालों का जलस्तर तेजी से बढ़ा और कई स्थानों पर बाढ़ जैसे हालात बने।
जुलाई में मालदेवता में भारी बारिश के बाद रपटे पर पानी आने से यातायात प्रभावित हुआ था, जबकि सहस्रधारा क्षेत्र में नदी किनारे बने पुश्ते को भी नुकसान पहुंचा। प्रशासन ने इन क्षेत्रों को बारिश के दौरान संवेदनशील मानते हुए निगरानी बढ़ाने के निर्देश दिए। दरअसल, इन पर्यटन स्थलों पर सबसे बड़ा खतरा अचानक बढ़ने वाले जलस्तर से है।
पहाड़ी क्षेत्रों में कहीं और बारिश होने पर नीचे बहने वाले नदी-नालों में अचानक पानी और तेज बहाव आ सकता है। ऐसे में कुछ मिनट पहले तक सामान्य दिखाई देने वाला पानी देखते ही देखते खतरनाक हो जाता है। यही वजह है कि नदी किनारे बैठकर फोटो खींचने, पानी में उतरने या तेज बहाव के पास जाने से हादसे का खतरा बढ़ जाता है।
सितंबर में आए सैलाब ने पहुंचाया था नुकसान
सहस्रधारा क्षेत्र पहले भी अतिवृष्टि और अचानक आई बाढ़ का गंभीर असर देख चुका है। सितंबर 2025 में अतिवृष्टि के दौरान यहां अचानक सैलाब आने से बड़े पैमाने पर नुकसान हुआ था। इसके बाद भी मानसून के दौरान क्षेत्र में सुरक्षा को लेकर चिंता बनी हुई है।
जुलाई 2026 में भी सहस्रधारा और आसपास के इलाकों में बारिश के कारण बाढ़ जैसे हालात बने। पुलिस ने भी नदी किनारे स्थित पिकनिक स्थलों पर निगरानी बढ़ाई है। अचानक बढ़ते जलस्तर के कारण हादसों की आशंका को देखते हुए संवेदनशील स्थानों पर सख्ती बरतने और नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की बात कही गई है।
02 अगस्त: दोस्त के साथ घूमने के लिए गया एक युवक नदी में बह गया। सूचना पर रायपुर थाने से पुलिस मौके पर पहुंची, लेकिन युवक का कहीं पता नहीं लग पाया। लगातार दो दिन रेस्क्यू के बाद पुलिस ने युवक का शव बरामद किया।
09 अगस्त: भाई के साथ घूमने गया व्यक्ति सांग नदी माल देवता पुल के पास डूब गया। सूचना पर पुलिस व एसडीआरएफ की टीम मौके पर पहुंची और शव को बाहर निकाला। मृतक की पहचान सुनील नेगी निवासी चंद्रमणि एंक्लेव पटेलनगर के रूप में हुई।
15 अगस्त: हरियाणा से दोस्तों के साथ घूमने के लिए आई युवती सहस्त्रधारा में फोटो खिंचवाते हुए नदी में बह गई। सूचना पर पहुंची पुलिस व एसडीआरएफ ने रेस्क्यू अभियान चलाया। मृतका की पहचान नेहा आर्य निवासी गांधी कालोनी कोतवाली नगर, जनपद पानीपत, हरियाणा के रूप में हुई।