
रुड़की में नाबालिग को वाहन चलाते पकड़े जाने पर उसके पिता पर 25 हजार का चालान हुआ था। पिता कई बार समन के बावजूद कोर्ट में पेश नहीं हुए, जिसके बाद गैर जमानती वारंट जारी हुआ।
पुलिस ने अब पिता को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया है। पुलिस ने अभिभावकों से नाबालिगों को वाहन न देने की अपील की है।
रुड़की। अगर आप भी अपने नाबालिग बच्चों को दोपहिया या चारपहिया वाहन चलाने के लिए देते हैं, तो यह खबर आपके लिए हो सकती है। पुलिस ने कुछ समय पहले ऐसे ही एक मामले में एक नाबालिग को दोपहिया वाहन चलाते पकड़ा था।
इस पर नियमों के तहत नाबालिग के पिता का एमवी एक्ट में 25 हजार रुपये का चालान किया था। इस चालान को भुगतने के लिए अदालत भेजा गया, लेकिन नाबालिग का पिता चालान भुगतने के लिए अदालत में पेश ही नहीं हो रहा था।
इस पर अदालत ने नाबालिग के पिता के गैर जमानती वारंट जारी किए। इस पर पुलिस ने उसके पिता को गिरफ्तार कर लिया और आरोपित को अदालत के समक्ष पेश कर दिया।
मामले के अनुसार सिविल लाइंस कोतवाली पुलिस ने कुछ माह पहले वाहन चेकिंग के दौरान एक नाबालिग को वाहन चलाते हुए पकड़ा था। पुलिस ने मामले में एमवी एक्ट के तहत नाबालिग के पिता का 25 हजार रुपये का चालान किया था।
यह चालान भुगतने के लिए कोर्ट में भेजा गया था। मामले में कोर्ट ने नाबालिग के पिता तस्लीम निवासी सती मोहल्ला को तलब किया था। उक्त मामला कोर्ट में चल रहा था। कई बार तलब करने के बावजूद तस्लीम कोर्ट में पेश नहीं हो रहा था।
इस पर कोर्ट ने पहले आरोपित के जमानती वारंट जारी किए, लेकिन वह फिर भी पेश नहीं हुआ। इस पर अदालत ने आरोपित के गैर जमानती गिरफ्तारी वारंट जारी किए थे।
सिविल लाइंस कोतवाली प्रभारी निरीक्षक मनीष उपाध्याय ने बताया कि कोर्ट से वारंट जारी होने के बाद पुलिस ने उसकी गिरफ्तारी के प्रयास किए।
पुलिस ने मामले में गुरुवार को आरोपित को गिरफ्तार कर ही लिया। इसके बाद उसे कोर्ट में पेश किया गया। प्रभारी निरीक्षक ने अभिभावकों से अपील करते हुए कहा कि वह नाबालिगों को वाहन चलाने के लिए न दें।









