
अमरोहा-कांठ रोड पर हुए दर्दनाक सड़क हादसे में उद्यमी प्रेम सिंह रावत और उनके पोते चित्रहार्थ की मौके पर ही मौत हो गई। प्रेम सिंह अपने छोटे बेटे की शादी के बाद पैतृक गांव खटल (अल्मोड़ा) में धार्मिक कार्यक्रम के लिए जा रहे थे।
अमरोहा-कांठ रोड पर सड़क हादसे में उद्यमी प्रेम सिंह रावत व उनके पोते की मौत के बाद खटल गांव में माहौल गमगीन है।
रोहिणी (दिल्ली) में रहने वाले प्रेम सिंह अपने छोटे पुत्र का विवाह संपन्न होने की खुशी में अपने पैतृक गांव को निकले थे, जहां उन्हें धार्मिक कार्य कराने थे। इधर गांव से स्वजन दिल्ली पहुंचे। पारिवारिक सदस्यों ने बताया कि दिल्ली के निगम बोध घाट पर मृतक की अंत्येष्टि कर दी गई।
सड़क दुर्घटना गुरुवार मध्यरात्रि बाद अमरोहा रोड पर कोठी खिदमतपुर गांव के पास हुआ था। हाउस नंबर-180-81, सेक्टर-23, रोहिणी निवासी प्रेम सिंह अपनी माता मधुदेवी, दिल्ली की एक कंपनी में कार्यरत पुत्र ललित सिंह रावत, बहू सुनीता, पोते चित्रहार्थ व बंटी के साथ पैतृक गांव वल्ला सल्ट स्थित खटलगांव के लिए रवाना हुए थे।
कार ललित सिंह चला रहे थे। झपकी आने से असंतुलित कार सड़क किनारे पेड़ से टकरा गई थी। हादसे में 65 वर्षीय प्रेम सिंह रावत व उनके पोते चित्रहार्थ की मौके पर ही मौत हो गई थी। ललित समेत चार घायल मुरादाबाद में भर्ती हैं। दुर्घटना का पता लगते ही भतीजे प्रकाश सिंह, हीरा सिंह व उनके पुत्र दीपक आदि स्वजन दिल्ली को रवाना हो गए थे।
प्रकाश सिंह ने बताया कि शनिवार को प्रेम सिंह की अंत्येष्टि कर दी गई। उनकी दिल्ली में फ्रिज, एसी आदि के पार्ट्स बनाने की फैक्ट्री थी। उन्होंने बताया कि छोटे पुत्र वीरेंद्र सिंह की शादी करने के बाद क्षेत्र के मानिला मंदिर में पूजा का कार्यक्रम था।
दिल्ली में ही बसने के बावजूद उनका गांव आना जाना लगा रहता था। धार्मिक अनुष्ठान व शुभ कार्यों में वह सपरिवार आते रहते थे। ग्राम प्रधान सुरेंद्र सिंह ने भी दुख जताया। गांव में गम का माहौल है।









