Big Breaking:-उत्तराखंड मेंं फल-सब्जियों पर बढ़ी निगरानी,ऑनलाइन प्लेटफॉर्म व मंडियों पर छापेमारी

उत्तराखंड में फल-सब्जियों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए खाद्य सुरक्षा विभाग ने निगरानी बढ़ा दी है। देहरादून में ऑनलाइन प्लेटफॉर्म व मंडियों पर भी छापेमारी की गई है।

देहरादून। प्रदेश में फल-सब्जियों की गुणवत्ता को लेकर निगरानी बढ़ा दी गई है। कीटनाशकों के बढ़ते इस्तेमाल की आशंकाओं के बीच खाद्य संरक्षा एवं औषधि प्रशासन ने सैंपलिंग अभियान तेज कर दिया है। बाजार से नमूने लेकर उनकी प्रयोगशाला जांच कराई जा रही है, वहीं किसानों और व्यापारियों को भी जागरूक करने की तैयारी की गई है।

कृषि एवं उद्यान विभाग को भेजा पत्र

खाद्य संरक्षा एवं औषधि प्रशासन (एफडीए) आयुक्त सचिव कुर्वे ने कृषि एवं उद्यान विभाग को पत्र भेजा है। जिसमें कहा गया है कि भारतीय खाद्य संरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (एफएसएसएआइ) द्वारा समय-समय पर चलाए गए सर्विलांस अभियानों में खाद्य पदार्थों में कीटनाशकों के अवशेष तय मानकों से अधिक मिलने के संकेत मिले हैं।

कृषि क्षेत्र में कीटनाशकों के अवैज्ञानिक उपयोग के कारण फल, सब्जियां एवं अन्य खाद्य पदार्थों में अवशेष तय मानकों से अधिक मिल रहे हैं, जो जनस्वास्थ्य के लिए गंभीर चुनौती बनता जा रहा है। इसे देखते हुए अब खेत से लेकर बाजार तक पूरी श्रृंखला पर नजर रखी जानी है।

किसानों को कीटनाशकों के संतुलित और वैज्ञानिक उपयोग के बारे में जागरूक किया जाएगा, जबकि मंडियों और विक्रेताओं को भी इस अभियान से जोड़ा जा रहा है। अपर आयुक्त ताजबर सिंह के अनुसार अब तक आम, केला, पपीता और तरबूज सहित 95 फलों के नमूने जांच के लिए भेजे जा चुके हैं।

जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। चारधाम यात्रा और पर्यटन सीजन को देखते हुए सरकार इस अभियान को और गंभीरता से ले रही है, ताकि लोगों को सुरक्षित खाद्य सामग्री मिल सके।

प्रदेश में इस समय चारधाम यात्रा चल रही है, साथ ही पयर्टन सीजन भी शुरु हो चुका है। इसलिए जन स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए, खाद्य पदार्थों में मिलावट और हानिकारक रसायनों के इस्तेमाल पर सख्ती करने के निर्देश दिए गए हैं। इस दिशा में सभी विभागों को मिलकर कार्य करने के निर्देश दिए गए हैं। –  पुष्कर सिंह धामी, मुख्यमंत्री

ऑनलाइन प्लेटफार्म से लेकर फल मंडियों तक छापेमारी

देहरादून: दून में खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन की टीम ने ऑनलाइन प्लेटफार्म से लेकर फल मंडियों तक छापेमारी की। कार्रवाई के दौरान एक्सपायर आइसक्रीम सहित कुल 16 नमूने जांच के लिए लैब भेजे गए, जबकि फलों को पकाने में इस्तेमाल होने वाले रसायनों पर विशेष नजर रखी गई।

यह अभियान एफडीए आयुक्त सचिन कुर्वे और जिलाधिकारी सविन बंसल के निर्देश पर चलाया जा रहा है। उपायुक्त गढ़वाल मंडल खाद्य सुरक्षा आरएस रावत के नेतृत्व में सहायक आयुक्त मनीष सयाना की टीम ने जीएमएस रोड स्थित कमला प्लेस में ऑनलाइन प्लेटफॉर्म ‘इंसाकार्ट’ का निरीक्षण किया।

यहां एक्सपायर आइसक्रीम की शिकायत मिलने पर वरिष्ठ खाद्य सुरक्षा अधिकारी रमेश सिंह ने नमूना लेकर जांच के लिए भेजा। इसके बाद टीम ने नेहरू कॉलोनी और धर्मपुर फल मंडी में निरीक्षण कर फलों को कृत्रिम रूप से पकाने में इस्तेमाल होने वाले रसायनों और रंगों की जांच की।

इस दौरान आम, केला, सेब, पपीता, तरबूज, अंगूर और खरबूज के 15 नमूने लिए गए। दिनभर चले अभियान में कुल 16 नमूने जांच के लिए एकत्र किए गए। विभागीय अधिकारियों ने साफ किया कि मिलावटखोरी और असुरक्षित खाद्य पदार्थों के खिलाफ कार्रवाई आगे भी लगातार जारी रहेगी। अभियान में आरएस रावत, मनीष सयाना, रमेश सिंह, संजय तिवारी समेत अन्य अधिकारी शामिल रहे।

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