
खटीमा के प्रतापपुर में निजी स्कूल बस की टक्कर से तीन युवकों, देवेंद्र सिंह राणा, राजेश सिंह राणा उर्फ बिल्ला और राजेश सिंह राणा की मौत हो गई थी। पुलिस ने शवों का पोस्टमार्टम कराकर परिजनों को सौंप दिया।
इसके बाद प्रतापपुर स्थित बूटाघाट मुक्तिधाम में गमगीन माहौल में तीनों शवों का अंतिम संस्कार किया गया। इस दौरान बड़ी संख्या में लोग मौजूद थे, सभी की आंखें नम थीं।
खटीमा । प्रतापपुर में निजी स्कूल बस की टक्कर से हुई तीन युवकों की मौत के बाद पुलिस ने शवों का पोस्टमार्टम कराया और स्वजनों के सुपुर्द कर दिया। इसके बाद स्वजनों व ग्रामीणों ने तीनों शवों की गमगीन माहौल में अंत्येष्टि कर दी।
बाइक सवार प्रतापपुर वार्ड-7 निवासी देवेंद्र सिंह राणा, राजेश सिंह राणा उर्फ बिल्ला व राजेश सिंह राणा की शुक्रवार शाम सड़ासड़िया से प्रतापपुर जाने वाले रास्ते पर निजी स्कूल बस की टक्कर से मौत हो गई थी। पुलिस ने तीनों शवाें को कब्जे में लेकर मोर्चरी में रखवा दिया था।
शनिवार को तीनों शवों का पोस्टमार्टम कराने के बाद स्वजनों को सौंप दिया। इसके बाद स्वजनों व गांव के लोगों ने तीनों शवों का प्रतापपुर स्थित बूटाघाट मुक्तिधाम में गमगीन माहौल में अंत्येष्टि कर दी। इस दौरान काफी संख्या में लोग मौजूद रहे। हर किसी की आंखें नम थी। तीनों युवक आपस में रिश्तेदार थे। घटना के बाद से स्वजनों में कोहराम मचा हुआ है।
महिला का शव लेकर मोर्चरी पहुंचे स्वजन
खटीमा : बाइक की टक्कर से जान गंवाने वाली सबौरा पटिया की महिला के शव को लेकर स्वजन शनिवार को मोर्चरी पहुंचे, जहां पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराकर स्वजनों को सौंप दिया। बता दें कि सबौरा पटिया निवासी विमला देवी पत्नी पूर्व सैनिक गंगा सिंह बोरा शुक्रवार देर शाम पड़ोस की तीन अन्य महिलाओं के साथ सड़क किनारे टहल रही थी। इस दौरान एक बाइक सवार ने उन्हें जोरदार टक्कर मार दी थी, जिसमें चारों महिलाएं घायल हो गई थीं।
आसपास मौजूद लोगों ने चारों घायल महिलाओं को उप जिला चिकित्सालय पहुंचाया, जहां चिकित्सकों ने विमला देवी काे मृत घोषित कर दिया था, जबकि शेष तीनों महिलाओं का इलाज कर उन्हें घर भेज दिया था। वहीं, पुलिस के आने से पहले ही विमला देवी के स्वजन उसके शव को लेकर घर चले गए थे।
शनिवार सुबह स्वजन खुद ही शव लेकर अस्पताल पहुंचे, जहां पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराया। एसएसआई ललित मोहन रावल के अनुसार विमला देवी के स्वजनों ने बताया कि अस्पताल में तीन अन्य शव होने के कारण वे शव लेकर घर चले गए थे।









