Big Breaking:-मोहम्मद दीपक को नैनीताल हाई कोर्ट ने नहीं मिली राहत, पुलिस जांच में सहयोग करने के निर्देश

नैनीताल हाईकोर्ट ने कोटद्वार विवाद मामले में सुनवाई की, जिसमें दीपक उर्फ मोहम्मद दीपक शामिल हैं। दीपक ने अपनी शिकायत पर पुलिस कार्रवाई न होने का आरोप लगाया, जबकि सरकार ने कहा कि वह घटना के दौरान मौजूद थे और उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज हुआ है।

नैनीताल। हाई कोर्ट ने कोटद्वार के बहुचर्चित विवाद के मामले पर सुनवाई की। मामले की लंबी सुनवाई के बाद न्यायाधीश न्यायमूर्ति राकेश थपलियाल की एकलपीठ ने याचिकाकर्ता को कोई राहत नहीं देते हुए याचिका को निस्तारित कर दिया है।

कोर्ट ने याचिकाकर्ता को पुलिस जांच में सहयोग करने को कहा है। कोर्ट ने याचिकाकर्ता को अनावश्यक रूप से इंटरनेट मीडिया प्लेटफार्म पर शामिल नहीं होने की हिदायत दी है ताकि जांच प्रभावित ना हो।

शुक्रवार को सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता दीपक उर्फ मोहम्मद दीपक के अधिवक्ता की ओर से कोर्ट को बताया गया कि उनकी ओर से दर्ज मुकदमे पर पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की गई बल्कि अपनी तरफ से अज्ञात लोगों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज किया है जबकि याचिकाकर्ता की ओर से घटना में शामिल लोगो के नाम बताने के बाद भी मुकदमा दर्ज नहीं किया।

वह भीड़ के शांत करने के लिए गए थे, उल्टा पुलिस ने उनके विरुद्ध ही मुकदमा दर्ज कर लिया गया। इसका विरोध करते हुए सरकार की तरफ से कहा गया कि घटना के वक्त याचिकाकर्ता ना केवल मौजूद रहे बल्कि इनकी ओर से भीड़ के साथ धक्का मुक्की करने का वीडियो वायरल हो रहा है।

इसके बाद पुलिस ने इनके व व 22 लोगों को चिन्हित कर मुकदमा मुकदमा दर्ज किया, जिसकी जांच चल रही है। अभी घटना में शामिल पुलिस ने पांच मुकदमे दर्ज कर लिए गए हैं। सभी पक्षों को सुनने के बाद कोर्ट ने याचिकाकर्ता को कोई राहत नही देते हुए याचिका को निस्तारित कर दिया है।

इंटरनेट मीडिया पर वायरल हुआ वीडियो 

दरअसल वायरल वीडियो में दीपक कुमार ने बाबा के नाम बदलने की मांग पर सवाल उठाते हुए कहा कि दुकान 30 साल से अधिक पुरानी है. जब भीड़ ने उनकी पहचान पूछी, तो उन्होंने खुद को मोहम्मद दीपक बताया। यही वीडियो इंटरनेट मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ, जिसके बाद दीपक कुमार को लोगों का समर्थन मिलने लगा और उनके मुताबिक उन्हें 100 से 500 रुपये तक के छोटे-छोटे चंदे मिलने लगे।

इस घटना के बाद 28 जनवरी को दीपक कुमार और उनके सहयोगी के विरुद्ध दुर्व्यवहार, मोबाइल फोन छीनने और आपराधिक धमकी देने के आरोप में मुकदमा दर्ज की गई। दीपक कुमार ने हाई कोर्ट में याचिका दाखिल कर मुकदमा निरस्त करने, परिवार की सुरक्षा और संबंधित पुलिस अधिकारियों के विरुद्ध विभागीय जांच की मांग की है।

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