समाजवादी पार्टी की सांसद डिंपल यादव ने अंकिता भंडारी के माता सोनी देवी और पिता वीरेंद्र सिंह भंडारी से मुलाकात की. जानिए क्या कहा?
देहरादून: उत्तराखंड की बहुचर्चित अंकिता भंडारी हत्याकांड का मामला फिर से सुर्खियों में है. मामले में कथित वीआईपी को राज्यपाल नियुक्त किए जाने के बाद देहरादून से लेकर दिल्ली तक मामला गरमाया हुआ है. जहां एक ओर अंकिता भंडारी के माता-पिता धरना तक दे चुके हैं, तो वहीं दूसरी विपक्ष भी मामले को लेकर सड़कों पर है. इसी बीच सांसद डिंपल यादव ने अंकिता भंडारी के माता-पिता से मुलाकात की. साथ ही उनकी पीड़ा को समझते हुए बीजेपी को घेरा है.
दरअसल, मैनपुरी से समाजवादी पार्टी की सांसद डिंपल यादव ने अंकिता भंडारी के माता सोनी देवी और पिता वीरेंद्र सिंह भंडारी से मुलाकात की. जिसके तस्वीरें उन्होंने साझा भी की है. जिसमें उन्होंने लिखा है कि, ‘जब हमारी बेटी ने हार नहीं मानी, तो हम उसके माता-पिता होने के नाते, कैसे हार मान सकते हैं? अंकिता भंडारी के माता-पिता के ये शब्द आज भारत के उन सभी माता-पिता के दर्द को बयां करते हैं, जो देश के युवाओं, खासकर युवतियों पर गुंडों के बेरहम अत्याचार को देख रहे हैं.’

इसके आगे उन्होंने आगे लिखा है कि, ‘मैं अंकिता भंडारी के माता-पिता को सलाम करती हूं और सिस्टम के खिलाफ निडर होकर लड़ने के उनके साहस की सराहना करती हूं. आज हर भारतीय उनके साथ खड़ा है. एक 19 साल की लड़की को इसलिए मार दिया गया. क्योंकि, उसने अपनी गरिमा से समझौता करने से इनकार कर दिया था. इसके उलट आरोपियों को बीजेपी द्वारा पुरस्कृत किया जा रहा है.’
डिंपल यादव ने बीजेपी सरकार पर निशाना साधते हुए आगे लिखा है कि, ‘पिछले चार सालों से बीजेपी ने चुप्पी साध रखी है. यही चुप्पी उसका असली चेहरा है. जो लोग ‘कल्चरल शॉक’ की बात करते हैं, उनके लिए यही असली ‘कल्चरल शॉक’ है. हमें अंकिता के लिए न्याय चाहिए.’ वहीं, डिंपल यादव ने अंकिता के माता-पिता से बात कर हमेशा उनका साथ देने की बात कही है.
अंकिता भंडारी मर्डर केस को जानिए? बता दें कि अंकिता भंडारी उत्तराखंड की पौड़ी जिले के श्रीकोट डोभ गांव की रहने थी. जिसकी उम्र 19 साल ही थी. वो यमकेश्वर ब्लॉक के गंगा भोगपुर स्थित तत्कालीन बीजेपी नेता विनोद आर्य के बेटे पुलकित आर्य के वनंत्रा रिजॉर्ट में रिसेप्शनिस्ट की नौकरी करती थी. इसी बीच 18 सितंबर 2022 को अचानक अंकिता लापता हो गई.

इसके बाद रिजॉर्ट के मालिक पुलकित आर्य ने आनन-फानन में अंकिता के लापता होने की जानकारी उसके परिजनों को दी. जिसके बाद परिजनों ने राजस्व पुलिस में शिकायत दी. इसके बाद केस को राजस्व पुलिस से रेगुलर पुलिस को ट्रांसफर कर दिया गया. जांच के दौरान पुलिस ने अंकिता के लापता होने पर शक जताया. पूछताछ में रिसॉर्ट के मालिक पुलकित आर्य उसके दोस्त अंकित गुप्ता और मैनेजर सौरभ भास्कर पर शक की सुई घूमी.
वहीं, जब पुलिस ने तीनों से सख्ती से पूछताछ की, तो उन्होंने अंकिता भंडारी की हत्या करने की बात कह दी. उन्होंने पुलिस को बताया कि 18 सितंबर की रात अंकिता भंडारी को चीला बैराज की नहर में धक्का दे दिया था और वो वापस आ गए थे. इसके बाद 24 सितंबर 2022 को अंकिता का शव चीला बैराज क्षेत्र में नहर से बरामद हुआ था.
उधर, जैसे ही अंकिता भंडारी का शव मिलने और हत्या की बात सामने आई, वैसे ही पूरे उत्तराखंड में बवाल शुरू हो गया. लोग सड़कों पर उतर आए और जगह-जगह प्रदर्शन करने लगे. सीएम आवास कूच लेकर तमाम जगहों पर धरना प्रदर्शन हुए. इस पूरे मामले में कई महीनों तक जांच हुई.
गवाह और बयानों के आधार पर आखिरकार 30 मई 2025 को कोर्ट ने तीनों आरोपियों को दोषी ठहराया गया और उन्हें उम्र कैद की सजा सुनाई गई. वहीं, 9 जुलाई 2026 को सीएम धामी ने मामले की जांच सीबीआई से कराने की संस्तुति दी. जिसके बाद सीबीआई मामले की जांच कर रही है.



