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Big Breaking:-केंद्रीय बजट से जगी नई उम्मीदें, उत्तराखंड के लैंसडौन में माउंटेन ट्रेल्स से बढ़ेगा पर्यटन

केंद्रीय बजट में माउंटेन ट्रेल्स विकसित करने की घोषणा से लैंसडौन के पर्यटन को नई ऊर्जा मिलेगी। पर्यटक अब ट्रैकिंग का बेहतर आनंद ले सकेंगे, जिससे साहसिक पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा। होटल भी पैदल यात्रा कार्यक्रम शामिल कर रहे हैं।

ग्रीन टूरिज्म पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है, जिसमें कचरा प्रबंधन और पर्यावरण अनुकूल शौचालय शामिल हैं। इससे लैंसडौन में पर्यटन व्यवसाय को बूस्टर डोज मिलने की उम्मीद है।

लैंसडौन। केंद्रीय बजट में पर्यटन क्षेत्र में माउंटेन ट्रेल्स विकसित करने संबंधी घोषणा के बाद लैंसडौन में पर्यटन विकास की नई उम्मीदें जगी हैं। दरअसल, यदि क्षेत्र में माउंटेन ट्रेल्स का जीर्णोद्धार किया जाता है तो इसका सीधा फायदा क्षेत्र के पर्यटन व्यवसाय को मिलेगा। सैर-सपाटे के लिए आने वाले पर्यटक ट्रैकिंग का बेहतर आनंद ले सकेंगे। मौजूदा परिपेक्ष्य में लैंसडौन में आने वाले पर्यटकों के बीच माउंटेन ट्रेल का क्रेज बढ़ा है।

केंद्रीय बजट में उत्तराखंड के लिए माउंटेन ट्रेल की घोषणा पर्यटन नगरी के व्यवसाय को नई ऊर्जा प्रदान करेगा। सरकार भी पर्वतारोहण, ट्रैकिंग व हाइकिंग जैसी साहसिक पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा देने में जुटी है। बीते कई समय से बाहरी क्षेत्र से जो पर्यटक नगर में पहुंच रहे हैं। उनके बीच माउंटेन ट्रेल को लेकर खासा उत्सुकता देखने को मिल रही है।

पर्यटक भैरव गढ़ी के पैदल मार्ग में इन दिनों सबसे ज्यादा यात्रा कर रहे हैं। जबकि नगर क्षेत्र से जुड़े होटलों की ओर से भी पर्यटकों को पैदल यात्रा करवाने का कार्यक्रम शामिल किया जा रहा है। पर्यटन नगरी लैंसडौन पहुंचने वाले पर्यटकों पर नजर डाले तो माउंटेन ट्रेल में प्रतिभाग करने वाले लोगों में महिला पर्यटकों की संख्या भी बड़ी मात्रा में देखने को मिल रही है।

ग्रीन टूरिज्म को मिलेगा बढ़ावा

सरकार की ओर से साहसिक पर्यटन के लिए जो नियमावली तैयार की जा रही है। उसमें ग्रीन टूरिजम पर विशेष रूप से ध्यान केंद्रित किया जा रहा है। नियमावली में मार्ग में मिलने वाले कचरे के निस्तारण व कूड़ा प्रबंधन सबसे अहम होगा। प्लाटिक पर प्रतिबंध के साथ पर्यावरण अनुकूल शौचालय को भी इसमें शामिल किया जा रहा है।

इन माउंटेन ट्रेल्स के बहुरने की हैं उम्मीदें

  • लैंसडौन एसबीआइ से राठी प्वाइंट होते हुए डेरियाखाल तक: पांच किमी
  • कैंट कार्यालय के निकट चर्च रोड से झारापानी हवाघर होते हुए जयहरीखाल तक: सात किमी
  • टिप-इन-टाप से संतोषी माता मंदिर होते हुए झारापानी व हवाघर तक: चार किमी
  • जयहरीखाल मार्ग पर हवाघर के निकट केंद्रीय विद्यालय से भुल्ला ताल होते हुए सदर बाजार तक: आठ किमी
  • लैंसडौन सदर बाजार-कोर्ट रोड-डिग्गी लाइन-धूरा-फतेहपुर ट्रेक: 16 किमी
  • लैंसडौन-जयहरीखाल-गुमखाल-कीर्तिखाल-भैरवगढ़ी ट्रेक: 18 किमी
  • लैंसडौन-डेरियाखाल-चुंडई-मधुगंगेश्वर ट्रेक: 20 किमी
  • लैंसडौन-डेरियाखाल-चुंडई-सिसल्डी-घांघलीखाल-अधारियाखाल-चखुलियाखाल-ताड़केश्वर ट्रेक: 30 किमी
  • चखुलियाखाल-गुंडलखेत-रज्जागढ़ी ट्रेक: 10 किमी

लैंसडौन होटल एसोसिएशन ने पर्यटन विकास को लेकर हाल ही में सूबे के पर्यटन सचिव धीरज गर्ब्याल से वार्ता की थी। वार्ता के दौरान लैंसडौन क्षेत्र में माउंटेन ट्रेल व ट्रैकिंग रूटों के विस्तार, जीर्णोद्धार, उनके चयन व यात्रा को लेकर विस्तार से वार्ता हुई है। केंद्रीय बजट में माउंटेन ट्रेल्स विकसित करने संबंधी योजना से लैंसडौन को भी बूस्टर डोज मिलेगा। उम्मीद है कि निकट भविष्य में इसके सुखद परिणाम सबके सामने आएंगे। – तुषार अग्रवाल, सचिव, लैंसडौन होटल एसोसिएशन

पर्यटन नगरी लैंसडौन में माउंटेन ट्रेल की तमाम संभावनाएं मौजूद है। केंद्रीय बजट में सूबे को भी माउंटेन ट्रेल में शामिल करने से लैंसडौन क्षेत्र को भी काफी उम्मीदें है। लैंसडौन क्षेत्र में साहसिक गतिविधियों को लेकर पर्यटकों के बीच क्रेज दिन-ब-दिन बढ़ रहा है।
-ऋषभ मेहरा, पर्यटन गाइड लैंसडौन

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