
मसूरी जाने वाले यात्रियों को अब घंटों के जाम और खतरनाक रास्तों से राहत मिलेगी। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने देहरादून से मसूरी के बीच 3500 करोड़ रुपये की लागत से 42 किलोमीटर लंबे दो-लेन हाईवे को मंजूरी दी है।
इसमें दो लंबी सुरंगें शामिल होंगी, जिससे यात्रा तेज, सुरक्षित और सुगम हो जाएगी। यह नया मार्ग दिल्ली, यूपी, हरियाणा जैसे मैदानी राज्यों से आने वाले पर्यटकों के लिए विशेष रूप से फायदेमंद होगा और देहरादून शहर में भी जाम कम करेगा।
देहरादून। मसूरी जाने वाले सैलानियों के लिए सबसे बड़ी परेशानी बनने वाले घंटों के जाम, खड़ी चढ़ाइयों पर रेंगती गाड़ियां और बरसात में बंद होने वाले रास्ते, अब खत्म होने की उम्मीद जग गई है।
दून से मसूरी के बीच बनने वाला नया राष्ट्रीय राजमार्ग यात्रा को पूरी तरह बदल देगा। जैसे ही हाईवे बनकर संचालन में आएगा, सैलानी दो लंबी सुरंगों से होकर सीधे मसूरी पहुंचेंगे, जिससे वर्तमान मार्ग की भीड़ व खतरनाक मोड़ों से राहत मिलेगी।
भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) ने 42 किलोमीटर लंबे दो-लेन हाईवे निर्माण को मंजूरी दे दी है। करीब 3500 करोड़ रुपये की लागत वाली इस परियोजना में दो आधुनिक सुरंगें बनाई जाएंगी,
जिनमें से एक 2.9 किमी लंबी जार्ज एवरेस्ट पहाड़ियों के नीचे और दूसरी लगभग दो किमी लंबी मसूरी की पहाड़ियों में। इनके बनने से चढ़ाई कम होगी, मोड़ घटेंगे व भूस्खलन वाले इलाकों से बचते हुए सफर तेज व सुरक्षित होगा।
दो-लेन हाईवे वाली परियोजना की संवेदनशीलता को देखते हुए एनएचएआई ने वाडिया इंस्टीट्यूट को भूगर्भीय परीक्षण की जिम्मेदारी दी है। मिट्टी, पहाड़ और संभावित भूस्खलन क्षेत्रों की वैज्ञानिक जांच की जा रही है।
एनएचएआई के परियोजना निदेशक सौरभ सिंह ने बताया कि नए हाईवे का एलाइनमेंट स्वीकृत हो चुका है व सर्वे रिपोर्ट के बाद निर्माण की अगली प्रक्रिया शुरू होगी।
मैदानों से आने वालों को सबसे बड़ी राहत
गर्मियों अप्रैल-मई-जून में घूमने और सर्दियों में क्रिसमस-नववर्ष का जश्न मनाने या बर्फबारी देखने मसूरी आने वाले दिल्ली, उत्तर प्रदेश, हरियाणा, पंजाब, चंडीगढ़ व हिमाचल की ओर से आने वाले यात्रियों को मसूरी पहुंचने में सबसे अधिक दिक्कतें झेलनी पड़ती हैं। कुठालगेट से चढ़ाई शुरू होते ही पीक सीजन में चार से पांच घंटे का जाम आम बात रहता है।
नया हाईवे झाझरा से शुरू होकर सुरंगों के रास्ते से सीधे लाइब्रेरी चौक तक पहुंचेगा, जिससे मैदानों से आने वाले सैलानियों को बिना शहर में घुसे ही मसूरी पहुंचने का रास्ता मिलेगा। यह इसलिए भी खास होगा क्योंकि दून-दिल्ली एक्सप्रेस-वे से एक नया हाईवे आशारोड़ी से झाझरा तक बन रहा है,
जो देहरादून पांवटा साहिब फोर-लेन एक्सप्रेस-वे पर जुड़ रहा। यानी, चाहे सैलानी दिल्ली-मेरठ की तरफ से आएं या पांवटा साहिब की तरफ से, उन्हें दून शहर में प्रवेश करने की जरूरत नहीं होगी।
शहर में जाम से बड़ी राहत
नए हाईवे के शुरू होने से सबसे बड़ा प्रभाव दून शहर में दिखाई देगा। अभी अधिकतर पर्यटक उसी मुख्य मार्ग से मसूरी आवागमन करते हैं, जो शहर की भीतरी सड़कों को जाम से भर देता है। नया हाईवे बनने के बाद बड़ी संख्या में वाहन सीधे लाइब्रेरी चौक तक पहुंचेंगे,
जिससे दून की तंग सड़कों पर दबाव घटेगा और स्थानीय लोगों की रोजमर्रा की आवाजाही भी सुगम होगी। पर्यटन विशेषज्ञों का मानना है कि यह परियोजना मसूरी की पहुंच को पूरी तरह बदल देगी। लिहाजा, मैदानी राज्यों से आने वाले लाखों सैलानी पहले से अधिक आसानी और कम समय समेत सुरक्षित तरीके से ””क्वीन आफ हिल्स”” पहुंच सकेंगे।
बरसात में बंद होने वाले पुराने मार्ग की समस्या भी खत्म
दून-मसूरी मुख्य मार्ग और दूसरा वैकल्पिक किमाड़ी मार्ग हर मानसून में क्षतिग्रस्त होकर कई दिनों तक बंद रहता है। नया सुरंग मार्ग इस समस्या का स्थायी समाधान बनेगा और सालभर निर्बाध यातायात सुनिश्चित करेगा।









