
कांग्रेस पार्टी 2027 में सत्ता वापसी के लिए रणनीति को धार नहीं दे पा रही है। संगठनात्मक गतिविधियों व रणनीति को अंजाम देने के लिए टीम की कमी खल रही है।
चुनावी मोर्चे पर कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल बिना टीम के कप्तान की जिम्मेदारी निभा रहे हैं। 2027 के चुनाव में कांग्रेस सत्ता में वापसी करने के दावे तो कर रही है लेकिन छह माह से गोदियाल बिना पीसीसी के काम चला रहे हैं।
प्रदेश कार्यकारिणी में निवर्तमान पदाधिकारियों की नई जिम्मेदारी को लेकर असमंजस की स्थिति होने से संगठनात्मक गतिविधियों में सक्रियता कम दिख रही है।
प्रदेश की राजनीति में 2017 से सत्ता से बाहर हुई कांग्रेस 2027 के चुनाव में वापसी करने के लिए संघर्ष व दावे तो कर रही है लेकिन संगठनात्मक स्तर पर चुनावी रणनीति को धार नहीं मिल रही है। राजनीतिक विशेषज्ञों के अनुसार संगठन के बेहतर प्रदर्शन के लिए टीम बहुत जरूरी होती है। अकेले कप्तान टीम को जीत नहीं दिला सकता है।
पहले करन माहरा के सामने भी रही यही स्थिति
चुनावी मोर्चे पर संघर्ष के लिए कांग्रेस को सबसे पहले प्रदेश की मजबूत टीम को उतारना पड़ेगा। कांग्रेस अध्यक्ष गोदियाल प्रदेशभर में भाग दौड़ कर रहे हैं लेकिन संगठनात्मक गतिविधियों व रणनीति को अंजाम देने के लिए टीम की कमी खल रही है। पार्टी हाईकमान ने नवंबर 2025 को गणेश गोदियाल को दूसरी बार प्रदेश अध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंपी थी।
इससे पहले उन्होंने 22 जुलाई 2021 से 10 अप्रैल 2022 तक अध्यक्ष पद को संभाला था। गोदियाल से पहले करन माहरा अध्यक्ष रहे लेकिन वो भी हाईकमान की अनुमति न मिलने नई टीम खड़ी नहीं कर पाए। इस बार भी गोदियाल के सामने भी इस तरह की स्थिति बनी हुई है। प्रदेश कांग्रेस की ओर से कार्यकारिणी की सूची राष्ट्रीय नेतृत्व को भेजी जा चुकी है। टीम की घोषणा के लिए इंतजार बढ़ता जा रहा है।
प्रदेश कार्यकारिणी के लिए नामों की सूची हाईकमान को भेजी गई है, इस पर फैसला हाईकमान को लेना है। जब तक नई कार्यकारिणी नहीं बनती है तब तक पुरानी कार्यकारिणी ही काम कर रही है। हाईकमान ने प्रीतम सिंह व हरक सिंह रावत को पार्टी में चुनाव अभियान व प्रबंधन समिति की जिम्मेदारी दी है। पार्टी के सभी नेता 2027 में कांग्रेस को सत्ता में लाने के लिए काम रहे हैं। जिला व ब्लाक स्तर पर अध्यक्षों की नियुक्ति हो चुकी है। जल्द ही पीसीसी की घोषणा की जाएगी। -गणेश गोदियाल, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष








