कांवड़ यात्रा के कारण हरिद्वार में अर्धकुंभ की तैयारियों से जुड़े प्रमुख निर्माण कार्य अब यात्रा समाप्त होने के बाद फिर से गति पकड़ेंगे।
हरिद्वार। कांवड़ यात्रा के कारण पिछले कई दिनों से थमे कई बड़े निर्माण कार्य अब यात्रा समाप्त होने के बाद फिर रफ्तार पकड़ेंगे। धर्मनगरी में अर्धकुंभ की तैयारियों के तहत सड़क, फ्लाईओवर, सर्विस लेन और बाईपास से जुड़े कई महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट चल रहे हैं।
इन कार्यों के दौरान भारी मशीनरी और निर्माण सामग्री के कारण यातायात प्रभावित होने की आशंका को देखते हुए कांवड़ मेले के दौरान काम की गति सीमित रखी गई है। 11 अगस्त को कांवड़ यात्रा संपन्न होने के बाद निर्माण एजेंसियां इन परियोजनाओं को समय से पूरा करने में जुटेंगे।
अर्धकुंभ के लिए राष्ट्रीय राजमार्ग पर भीड़भाड़ वाले जंक्शनों पर फ्लाईओवर और सर्विस रोड का निर्माण चल रहा है। हरिलोक तिराहे पर फ्लाईओवर का विस्तार किया जा रहा है। बहादराबाद तिराहे पर नए फ्लाईओवर का निर्माण चल रहा है। इसके अलावा बहादराबाद टोल प्लाजा के पास हाईवे चौड़ीकरण व सर्विस लेन का निर्माण कार्य हो रहा है।
मंगलौर में देवबंद मार्ग तिराहे पर फ्लाईओवर का निर्माण किया जा रहा है। अर्धकुंभ को देखते हुए इन फ्लाईओवरों की अहमियत और बढ़ जाती है। एनएचएआई के अनुसार इन कार्यों का उद्देश्य चौराहों पर वाहनों का दबाव कम करना, दुर्घटनाओं की आशंका घटाना और अर्धकुंभ के दौरान यातायात को व्यवस्थित रखना है।
कांवड़ के कारण निर्माण की रफ्तार में आया अस्थायी ठहराव परियोजनाओं की समयसीमा पर असर न डाले, इसके लिए यात्रा समाप्त होते ही निर्माण एजेंसियों को काम तेज करना होगा। यदि काम दोबारा युद्धस्तर पर शुरू नहीं हुआ तो मानसून और यातायात का दबाव आगे भी निर्माण की रफ्तार को प्रभावित कर सकता है।
हरिद्वार बाईपास का कार्य 77 प्रतिशत पूरा
हरिद्वार बाइपास भी इसी कड़ी का बड़ा प्रोजेक्ट है। 15 किमी लंबे बाईपास के पैकेज-1 का लगभग 77 प्रतिशत काम जून तक पूरा हो चुका था और नौ किलोमीटर फोरलेन सड़क तैयार की जा चुकी थी। यह बाईपास बहादराबाद से शुरू होकर चंडी देवी मंदिर के पास राष्ट्रीय राजमार्ग-34 से जुड़ेगा।
इसके चालू होने से हरकी पैड़ी, चंडी चौक, शंकराचार्य चौक समेत शहर के अंदरूनी हिस्सों पर बाहरी वाहनों का दबाव कम होने की उम्मीद है। इसके अलावा बाहरी यातायात को शहर से बाहर निकालने वाली स्पर टू हरिद्वार परियोजना भी अर्धकुंभ के लिए महत्वपूर्ण है।
51 किलोमीटर लंबे छह लेन के इस एक्सेस कंट्रोल्ड मार्ग का लगभग 92 प्रतिशत काम जून में हो गया था। इसके पूरा होने पर दिल्ली, मेरठ, सहारनपुर और पश्चिमी उत्तर प्रदेश से आने वाले वाहनों को शहर में प्रवेश किए बिना वैकल्पिक मार्ग मिलेगा
सिंचाई विभाग करा रहा सड़क सुधार
शहर के भीतर भी सड़क सुधार के कई काम अर्धकुंभ की तैयारी में शामिल हैं। सिंचाई विभाग की हरकी पैड़ी क्षेत्र के भीमगोड़ा मार्ग, गौरीशंकर क्षेत्र में काली मंदिर से गौरीशंकर और तिरछा पुल अंडरपास मार्ग, कनखल में संजय नहर किनारे गुलाब बाग मार्ग व जगजीतपुर बायनहर मार्ग व ज्वालापुर में हरिलोक चौक से इक्कड़ कलां मार्ग के सुदृढ़ीकरण की योजना है।
इन पांच सड़कों पर करीब 4.10 करोड़ रुपये खर्च किए जाने हैं। इन मार्गों का इस्तेमाल अर्धकुंभ के दौरान वैकल्पिक यातायात मार्ग के रूप में भी किया जाना है।