
श्री केदारनाथ धाम में शीतकालीन परंपराओं के उल्लंघन को लेकर उप जिलाधिकारी ऊखीमठ अनिल कुमार शुक्ला ने अधिशासी अभियंता को कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। तीर्थपुरोहितों ने एक वायरल वीडियो पर आपत्ति जताई थी,
जिसमें मंदिर परिसर में मानव गतिविधियां दिखाई गई थीं। यह वीडियो वुड स्टोन कंपनी के ठेकेदार ने प्रसारित किया था, जिससे करोड़ों श्रद्धालुओं की धार्मिक भावनाएं आहत हुई थीं।
रुद्रप्रयाग: श्री केदारनाथ धाम की शीतकालीन परंपराओं से छेड़छाड़ के आरोपों को लेकर उप जिलाधिकारी ऊखीमठ अनिल कुमार शुक्ला ने अधिशासी अभियंता निर्माण खंड लोक निर्माण विभाग गुप्तकाशी को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। तीर्थपुरोहितों ने वीडियो जारी होने पर ऐतराज जताया था।
केदारनाथ धाम में इन दिनों प्रधानमंत्री मोदी के ड्रीम प्रोजेक्ट के तहत निर्माण कार्य चल रहे है, यहा अभी भी 50 से अधिक मजदूर कार्य कर रहे है। कुछ दिन पूर्व केदारनाथ धाम से बर्फबारी का वीडियो इंटरनेट मीडिया पर वायरल हुआ था, जिसके बाद बबाल मच गया।
उप जिलाधिकारी अनिल शुक्ला द्वारा जारी निर्देश में कहा गया है कि केदारनाथ धाम के तीर्थ पुरोहित संतोष त्रिवेदी ने छह जनवरी को एक शिकायती पत्र प्रस्तुत किया। जिसमें बताया कि वर्तमान में शीतकाल के चलते केदारनाथ धाम के कपाट बंद हैं।
इसके बावजूद, धाम में कार्यरत वुड स्टोन कंपनी के ठेकेदार सोभन सिंह ने पांच जनवरी को मंदिर परिसर एवं मंदिर के समक्ष स्थित ‘ॐ’ स्थल की वीडियो बनाकर इंटरनेट मीडिया पर प्रसारित की। जिससे देश-विदेश में आस्था रखने वाले करोड़ों श्रद्धालुओं की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंची है।
शिकायत पत्र में उल्लेख किया है कि केदारनाथ धाम में शीतकाल के दौरान छह माह देव पूजा एवं छह माह नर पूजा की परंपरा का विशेष धार्मिक महत्व है। शीतकाल में देवपूजा को अत्यंत पवित्र एवं महत्वपूर्ण माना जाता है।
ऐसे में मंदिर परिसर में मानव गतिविधियों का होना तथा परंपराओं के विपरीत गतिविधियों का इंटरनेट मीडिया पर प्रसार करना दुर्भाग्यपूर्ण है और करोड़ों भक्तों की आस्था के साथ खिलवाड़ है।
उप जिलाधिकारी ऊखीमठ ने अधिशासी अभियंता को निर्देशित किया है कि वुड स्टोन कंपनी के ठेकेदार द्वारा की जा रही उक्त गतिविधियों को तत्काल प्रभाव से रोका जाए।
साथ ही केदारनाथ धाम क्षेत्र में किसी भी अन्य कंपनी या श्रमिक द्वारा शीतकालीन अवधि में इस प्रकार की गतिविधियां न हों, इसके लिए आवश्यक व प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।









