मैदानी इलाकों की गर्मी से राहत पाने के लिए वीकेंड पर मसूरी पर्यटकों से खचाखच भर गया, जिससे होटल 100% तक भरे और पर्यटन स्थलों पर भारी भीड़ उमड़ी।
मसूरी। जून की तपती गर्मी से राहत पाने के लिए मैदानों से पहाड़ों की ओर रुख कर रहे पर्यटकों ने इस वीकेंड ‘क्वीन ऑफ हिल्स’ मसूरी को पूरी तरह पैक कर दिया।
जून के दूसरे शनिवार और रविवार को मसूरी के प्रमुख पर्यटन स्थलों, बाजारों और माल रोड पर ऐसा जनसैलाब उमड़ा कि शहर देर रात तक गुलजार रहा। होटल, गेस्ट हाउस और रेस्तरां पर्यटकों से खचाखच भरे रहे, जबकि सड़कों पर वाहनों की लंबी कतारें पर्यटन सीजन के चरम की आहट देती रहीं।
होटलों में 100 प्रतिशत तक पहुंची आक्युपेंसी
शाम ढलते ही माल रोड रंग-बिरंगी रोशनी और पर्यटकों की चहल-पहल से जीवंत हो उठी। लाइब्रेरी चौक से गांधी चौक तक सैलानियों की भीड़ उमड़ती रही। कुलड़ी बाजार, चार दुकान और लाल टिब्बा क्षेत्र में देर रात तक पर्यटकों की आवाजाही बनी रही। बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक, हर कोई मसूरी की ठंडी फिजाओं और खूबसूरत नजारों का आनंद लेने में मशगूल नजर आया
पर्यटन स्थलों पर दिनभर रही रौनक
मसूरी के आसपास स्थित कैंपटी फॉल, भट्टा फॉल, जार्ज एवरेस्ट, गन हिल, कंपनी गार्डन, सुरकंडा देवी, धनोल्टी और बुरांशखंडा सहित सभी प्रमुख पर्यटन स्थल दिनभर पर्यटकों से गुलजार रहे। हाल के वर्षों में तेजी से लोकप्रिय हुए दुधली-भदराज क्षेत्र में भी बड़ी संख्या में पर्यटक पहुंचे।
स्थानीय व्यवसायियों के अनुसार सुबह से लेकर शाम तक पर्यटन स्थलों पर वाहनों और लोगों की लगातार आवाजाही बनी रही। कई स्थानों पर पार्किंग स्थल भी भर गए।
होटल कारोबार में लौटी रौनक
वीकेंड पर मसूरी के होटल व गेस्ट हाउस लगभग फुल रहे। शनिवार को कई होटलों में शत-प्रतिशत आक्युपेंसी दर्ज की गई, जबकि रविवार शाम तक भी 80 से 90 प्रतिशत कमरे भरे हुए थे। मसूरी होटल एसोसिएशन के अध्यक्ष संजय अग्रवाल ने बताया कि सीजन उम्मीद के अनुरूप चल रहा है और रविवार रात तक ऑक्युपेंसी में और बढ़ोतरी की संभावना है। उन्होंने कहा कि यदि मौसम अनुकूल रहा तो आगामी सप्ताहों में भी पर्यटकों की संख्या बढ़ सकती है।
कारोबारियों के चेहरे खिले, पुलिस की बढ़ी चिंता
पर्यटकों की आमद से होटल, रेस्तरां, टैक्सी, फोटोग्राफी, हस्तशिल्प और खानपान से जुड़े कारोबारियों के चेहरे खिले हुए हैं। कई रेस्तरां और ढाबों में भोजन के लिए पर्यटकों को अपनी बारी का इंतजार करना पड़ रहा है।हालांकि बढ़ती भीड़ के साथ यातायात व्यवस्था बड़ी चुनौती बन गई है।