Big Breaking:-रुद्रप्रयाग-चमोली-टिहरी में फटा बादल, एक महिला की मौत, कई लापता, सीएम ने की बैठक

रुद्रप्रयाग-चमोली-टिहरी में फटा बादल, एक महिला की मौत, कई लापता, सीएम ने की बैठक

उत्तराखंड में फिर बारिश का कहर बरपा है। बादल फटने से राज्य के तीन जिलों में भारी तबाही की तस्वीर सामने आई है। एक महिला की मौत हो गई। जबकि कई लोग लापता है। कुछ घायल हैं। लोगों तक राहत सामग्री पहुंचाई जा रही है। 

मकान क्षतिग्रस्त वाहन बहा


रुद्रप्रयाग जिले के स्यूर में एक मकान क्षतिग्रस्त होने एवं वाहन बहने की सूचना है। यहां बड़ेथ, बगडधार, तालजामनी गांव के दोनों ओर गदेरे में पानी और मलबा आया है। 

ग्रामीणों ने राहत एवं बचाव का बीड़ा उठाया


चमोली में राहत और बचाव दलों की राह में बंद रास्ते रोड़ा बने तो ग्रामीणों ने राहत एवं बचाव का बीड़ा उठाया। देवाल के मोपाटा गांव में ग्रामीण राहत एवं बचाव कार्य में जुटे हैं। यहां मकान टूटने से दो लोग लापता हैं।

टिहरी के भिलंगना ब्लॉक में भी फटा बादल


भिलंगना ब्लॉक के गेंवाली गांव के ऊपर बीती  रात को बादल फटने की घटना हुई है। जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी बृजेश भट्ट ने बताया कि बादल फटने से कोई जनहानि नहीं हुई है।

कृषि भूमि, पेयजल लाइन, विद्युत लाइनों को नुकसान पहुंचा है। राजस्व विभाग की टीम गेंवाली गांव रवाना हो गई है। अलग-अलग स्थान पर पैदल पुलिया और रास्ते टूट गए हैं।

सीएम ने दिए राहत एवं बचाव कार्यों में और तेजी लाने के निर्देश

मुख्यमंत्री धामी ने शुक्रवार को मुख्यमंत्री आवास में आयोजित आपदा प्रबंधन की उच्चस्तरीय बैठक में अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रभावित क्षेत्रों में सभी मूलभूत सुविधाएं शीघ्र उपलब्ध कराई जाएं। सड़क, विद्युत एवं पेयजल आपूर्ति बाधित होने की स्थिति में उन्हें तत्काल सुचारू किया जाए। उन्होंने वर्चुअल माध्यम से रुद्रप्रयाग, चमोली और टिहरी के जिलाधिकारियों से बादल फटने की घटनाओं की विस्तृत जानकारी प्राप्त की तथा राहत एवं बचाव कार्यों में और तेजी लाने के निर्देश दिए।

चमोली में राहत कार्य जारी


चमोली के ज़िला मजिस्ट्रेट संदीप तिवारी ने कहा कि चमोली ज़िले के देवाल स्थित मोपाटा भूस्खलन क्षेत्र में स्थानीय लोगों द्वारा राहत कार्य चलाया जा रहा है, जबकि दूसरी ओर डीडीआरएफ की टीम और तहसीलदार देवाल की ओर जाने वाली अवरुद्ध सड़कों को साफ़ करने का प्रयास कर रहे हैं।

सीएम ने की जिलाधिकारियों से फोन पर बात


जनपद रुद्रप्रयाग, चमोली और टिहरी के कुछ क्षेत्रों में बादल फटने की सूचना मिलते ही मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने संबंधित जिलों के जिलाधिकारियों से फोन पर वार्ता कर राहत एवं बचाव कार्यों को त्वरित गति से संचालित करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि प्रभावित लोगों को तुरंत सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जाए और किसी भी प्रकार की देरी न हो।

कर्णप्रयाग में मूसलाधार बारिश के चलते कालेश्वर में पहाड़ से आया मलबा


कर्णप्रयाग में मूसलाधार बारिश के चलते कालेश्वर में ऊपर पहाड़ से मलबा आया है जो लोगों के घरों में घुस गया। जेसीबी मशीन के द्वारा मलवा हटाने का प्रयास किया जा रहा है। 

इस दौरान पुलिस भी मौके पर मौजूद रही। अलकनंदा और पिंडर नदी का जलस्तर भी बढ़ गया है। कर्णप्रयाग के सुभाषनगर में पहाड़ी से बोल्डर और मलबा गिरने से सड़क बंद हो गई है।

चमोली जिले के सभी ब्लॉकों के स्कूलों में आज अवकाश घोषित


डीएम ने बताया कि तहसील प्रशासन की टीम मौके लिए रवाना हो गई है। इधर, भारी बारिश को देखते हुए चमोली जनपद के सभी विकास खंडों में शुक्रवार को अवकाश घोषित कर दिया गया है। 

भारी बारिश के चलते देवाल में रास्ते जगह-जगह टूट गए हैं। थराली में भी रात से हो रही बारिश से लोग सहमे हैं। आदिबदरी, कर्णप्रयाग में भी तेज बारिश हो रही है।

रुद्रप्रयाग-चमोली-टिहरी में फटा बादल, एक महिला की मौत, कई लापता, सीएम ने की बैठक


उत्तराखंड में अलग-अलग जगहों पर बादल फटने की घटनाएं सामने आई हैं। रुद्रप्रयाग जिले के टेंडवाल गांव में मलबे में दबने से एक महिला की मौत हो गई। जबकि 18 से 20 लोग यहां लापता बताए जा रहे हैं।

वहीं चमोली जिले के देवाल ब्लॉक में भी बादल फटा है। जिसमें पति-पत्नी लापता हैं और दो लोग घायल हो गए, साथ ही 20 मवेशी मलबे में दबे हैं। 

टिहरी के भिलंगना ब्लॉक के गेंवाली गांव पर भी बादल फटा है। गनीमत यह रही कि यहां किसी भी प्रकार की जनहानि की सूचना नहीं है। इसके अलावा रुद्रप्रयाग में भी बादल फटा है। यहां जखोली ब्लॉक के छेनागाड़, बांगर सहित कई जगहों पर अतिवृष्टि से व्यापक नुकसान हुआ है।

बृहस्पतिवार को देर रात से हो रही तेज बारिश शुक्रवार को भी जारी है। बृहस्पतिवार रात को तहसील देवाल के मोपाटा में बादल फटने से भारी तबाही हुई है। कुछ घरों के मलबे में दबे होने की सूचना है।

जिलाधिकारी संदीप तिवारी ने बताया कि मोपाटा में रहने वाले तारा सिंह और उनकी पत्नी लापता बताए जा रहे हैं। जबकि विक्रम सिंह और उनकी पत्नी घायल हुए हैं। इनके आवास और गोशाला के मलबे में दबने की सूचना है। इसमें 15 से 20 जानवर भी मलबे में दबने की सूचना है।

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