वन विभाग के लिए टस्कर को शिफ्ट करना बड़ी चुनौती बन गया है। थानो वन रेंज के अंतर्गत हाथी दो वर्ष में चार लोगों की जान ले चुके हैं।
थानो वन रेंज के अंतर्गत हाथी पिछले दो वर्षों में चार लोगों की जान ले चुके हैं। इसमें दो महिलाएं, एक 12 साल का बच्चा और एक बुजुर्ग व्यक्ति शामिल हैं। क्षेत्रवासियों का मानना है कि टस्कर हाथी ही हमला कर रहा है। इसको रेस्क्यू कर दूसरी जगह पर शिफ्ट किया जाना चाहिए।
धन्याड़ी में धरना-प्रदर्शन और मुख्य मार्ग पर जाम लगाए जाने के वक्त भी लोग मांग कर रहे थे कि मृतका के परिवार से एक व्यक्ति को नौकरी दी जाए। वहीं हमला करने वाले टस्कर को रेस्क्यू कर किसी दूसरे स्थान पर शिफ्ट किया जाए। जो वन विभाग के लिए एक बड़ी चुनौती बन सकता है। वन विभाग का साफ कहना है कि जंगल किनारे फेंसिंग लगाने, खाई खोदने, गश्त बढ़ाने का काम तो विभाग करवा सकता है। लेकिन प्रभावित परिवार को सरकारी नौकरी देना और हाथी को शिफ्ट करना उनके हाथ में नहीं है। इसके लिए एक लंबी प्रक्रिया से गुजरना पड़ता है। जिसकी मंजूरी भारत सरकार से मिलती है।
दरअसल थानो वन रेंज में हाथियों की काफी आवाजाही रहती है। हाथी राजाजी पार्क से निकलकर ऋषिकेश और बड़कोट वन रेंज में होकर थानो वन रेंज और फिर लच्छीवाला वन रेंज तक विचरण करते हैं। इसमें कई टस्कर और एक दांत वाला हाथी भी शामिल है। पिछले दो वर्षों में जिन चार लोगों की जान गई है। उसमें ये पहचान करना काफी मुश्किल है कि कौन सी घटना में किस हाथी ने हमला किया है। वहीं हाथी जैसे भीमकाय जानवर को ट्रैंक्विलाइजर गन से बेहोश कर शिफ्ट करना आसान काम नहीं है। इसलिए टस्कर को शिफ्ट करना वन विभाग के लिए एक बड़ी चुनौती है। जिसकी क्षेत्रवासी मांग कर रहे हैं।
हाथी ने इन स्थानों पर ली लोगों की जान
-अगस्त 2024 में बड़कोट वन रेंज के अंतर्गत हाथी ने गुर्जरों के डेरे के पास एक वन गुर्जर की जान ले ली थी। जिसके बाद गुर्जरों के डेरे को जंगल में दूसरे स्थान पर शिफ्ट किया गया।
-8 जनवरी 2025 को अपर जौलीग्रांट में चारा पत्ती लेने जंगल गए वृद्ध दंपती को हाथी ने पटककर मार डाला।
-27 नवंबर 2025 को कालूवाला में वन मार्ग से अपने माता-पिता के साथ स्कूटी में बैठकर घर लौट रहे एक 12 वर्ष के बच्चे को हाथी ने स्कूटी से खींचकर मार डाला।
-10 अगस्त 2026 धन्याड़ी में अपने मायके से दूध लेकर लौट रही महिला को हाथी ने पटककर मार डाला।
-वहीं 18 दिसंबर 2025 में गडूल में भालू द्वारा भी हमला कर एक महिला को बुरी तरह घायल कर दिया गया था।
टस्कर की विशेषताएं
टस्कर बड़े और लंबे दांत वाले नर हाथी को कहा जाता है। जिसके पास भोजन और पेड़ों की छाल छीलने और खुद की सुरक्षा के लिए बड़े विकसित दांत होते हैं। आमतौर पर यह अकेले ही विचरण करते हैं। हार्मोन बदलाव या मस्तकाल के दौरान यह हाथी काफी आक्रामक हो जाते हैं।
हाथी द्वारा लगातार लोगों पर हमले किए जा रहे हैं। उन्होंने वन विभाग से उचित मुआवजा देने, फेंसिंग लगवाने और खाई खोदने को कहा है। वहीं टस्कर हाथी को शिफ्ट करने को भी कहा है। इसके लिए वो अपनी सरकार से भी बात करेंगे। -बृजभूषण गैरोला, विधायक डोईवाला
धन्याड़ी में जो घटना हुई है। उससे वन विभाग भी दुखी है। राहत राशि के रूप में फिलहाल तीन लाख रुपये दिए जा रहे हैं। वहीं पीएम रिपोर्ट के बाद सात लाख और दिए जाएंगे। सरकारी नौकरी देना और हाथी को शिफ्ट करना उनके हाथ में नहीं है। इसके लिए भारत सरकार से मंजूरी लेनी पड़ती है। -एनएल डोभाल, रेंजर थानो