
उत्तराखंड के भाजपा नेता खजानदास को धामी कैबिनेट में मंत्री बनाया गया है। राजपुर रोड से विधायक खजानदास ने संगठन में निचले स्तर से शुरुआत कर अपनी पहचान बनाई।
देहरादून। राजपुर रोड विधानसभा क्षेत्र से विधायक खजानदास उत्तराखंड भाजपा के उन नेताओं में गिने जाते हैं, जिन्होंने संगठन की सीढ़ियां चढ़कर अपनी राजनीतिक पहचान बनाई। साधारण पारिवारिक पृष्ठभूमि, सीमित शिक्षा और लंबे संगठनात्मक अनुभव के बल पर उन्होंने प्रदेश की राजनीति में अपना अलग स्थान बनाया है।
देहरादून में 16 जून 1958 को जन्मे खजानदास के पिता संता दास थे। आठवीं तक शिक्षित खजानदास का शुरुआती जीवन सामान्य सामाजिक परिवेश में बीता, लेकिन राजनीतिक सक्रियता ने उन्हें धीरे-धीरे भाजपा संगठन का भरोसेमंद चेहरा बना दिया। यही वजह रही कि अब उन्हें सरकार में कैबिनेट मंत्री से नवाजा गया है।
कार्यकर्ताओं से रखते हैं सीधे संवाद
दलित समाज के बीच सक्रियता और बूथ स्तर तक कार्यकर्ताओं से लगातार संपर्क ने उन्हें भाजपा में मजबूत आधार दिया। संगठन में उन्होंने प्रदेश उपाध्यक्ष, महामंत्री और प्रवक्ता जैसे महत्वपूर्ण दायित्व निभाए। पार्टी के भीतर उनकी पहचान ऐसे नेता की बनी, जो कार्यकर्ताओं से सीधे संवाद रखते हैं और क्षेत्रीय मुद्दों पर खुलकर राय रखते हैं।
वर्ष 2007 में भाजपा ने पहली बार उन पर बड़ा भरोसा जताते हुए धनोल्टी विधानसभा सीट से टिकट दिया। पहाड़ी क्षेत्र से मिली जीत ने उन्हें पहली बार विधानसभा पहुंचाया और राज्य मंत्री के रूप में उन्हें सरकार में प्रतिनिधित्व दिया गया। इसके बाद राजनीतिक परिस्थितियों में बदलाव आया, लेकिन संगठन में उनकी सक्रियता बनी रही।
वर्ष 2017 में भाजपा ने उन्हें देहरादून की राजपुर रोड सुरक्षित सीट से मैदान में उतारा। शहरी क्षेत्र की इस सीट पर उन्होंने जीत दर्ज कर पार्टी के लिए मजबूत आधार तैयार किया। 2022 में उन्होंने दूसरी बार इसी सीट से चुनाव जीतकर अपनी पकड़ और मजबूत की। इस चुनाव में उन्होंने 37 हजार से अधिक मत प्राप्त कर कांग्रेस प्रत्याशी को 11 हजार से अधिक मतों से हराया।
राजपुर रोड क्षेत्र में सड़क, पेयजल, सीवर, सफाई और अतिक्रमण जैसे मुद्दों पर उनकी सक्रियता लगातार दिखाई देती रही है। कई बार वे विभागीय अधिकारियों से सीधे सवाल करते नजर आए। राजपुर रोड सौंदर्यीकरण कार्यों में खर्च और गुणवत्ता पर उन्होंने सार्वजनिक रूप से आपत्ति दर्ज कराकर यह संदेश दिया कि क्षेत्रीय मुद्दों पर वे अपनी ही सरकार के सामने भी स्पष्ट राय रखने से नहीं हिचकते।
1.37 करोड़ थी घोषित संपत्ति
वर्ष 2022 के चुनावी शपथपत्र के अनुसार उनकी घोषित संपत्ति लगभग 1.37 करोड़ रुपये है, जबकि करीब 65 लाख रुपये की देनदारियां दर्ज हैं। उनके विरुद्ध कोई गंभीर आपराधिक मामला नहीं है।
खजानदास के राजनीतिक सफर के खास पड़ाव
- 2007 में पहली बार विधायक बने: धनोल्टी सीट से विधानसभा पहुंचे व खंडूरी सरकार में राज्यमंत्री रहे।
- संगठन में लंबा अनुभव: भाजपा में उपाध्यक्ष, महामंत्री और प्रवक्ता रहे।
- राजपुर रोड से लगातार दूसरी जीत: 2017 और 2022 में जीत दर्ज की।
- अपनी सरकार पर भी सवाल: सौंदर्यीकरण और निर्माण गुणवत्ता पर मुखर रहे।
- दलित समाज में मजबूत पकड़: शहरी क्षेत्र में प्रभावशाली राजनीतिक आधार।









