Big Breaking:-अल्मोड़ा जिला जेल में बंदी सेल से स्मार्ट वॉच व इलेक्ट्रॉनिक उपकरण बरामद, हड़कंप

अल्मोड़ा जिला कारागार में एक सिद्धदोष बंदी प्रवीण वाल्मीकि की सेल से तलाशी के दौरान स्मार्ट वॉच और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण बरामद हुए हैं। कारागार अधीक्षक के निर्देश पर हुई इस कार्रवाई के बाद कोतवाली अल्मोड़ा में एफआईआर दर्ज कराई गई है। बंदी गैंगस्टर एक्ट के तहत दोषी है। यह घटना जेल सुरक्षा में सेंध का मामला उजागर करती है, जिस पर जांच शुरू हो गई है।

अल्मोड़ा। जिला कारागार में सुरक्षा व्यवस्था की नियमित जांच के दौरान एक सिद्धदोष बंदी की सेल से प्रतिबंधित इलेक्ट्रॉनिक उपकरण बरामद होने का मामला सामने आया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए कारागार अधीक्षक ने कोतवाली अल्मोड़ा में प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज करने हेतु तहरीर दी। तहरीर के आधार पर पुलिस ने मामला पंजीकृत कर जांच शुरू कर दी है।

कारागार प्रशासन के अनुसार बीते दो फरवरी की अपराह्न लगभग 2:40 बजे प्रभारी सर्किल जेलर/उप कारापाल नईम अब्बास के नेतृत्व में बंदी प्रवीण वाल्मीकि पुत्र मोहन लाल उर्फ मदन लाल, निवासी नई बस्ती कोतवाली गंगनहर रुड़की (जनपद हरिद्वार) की सेल की तलाशी ली गई। तलाशी के दौरान सेल की लेट्रिन सीट के भीतर छिपाकर रखा गया एक चार्जर, दो डाटा केबल (एक सफेद व एक काले रंग की), एक स्मार्ट वाच चार्जर केबल और दो पतले तार बरामद हुए।

सूचना मिलने पर जेल अधीक्षक जिला कारागार जयंत पांगती के निर्देश पर सायं करीब 5:35 बजे लेट्रिन सीट तुड़वाकर फिर से तलाशी कराई गई, जिसमें एक स्मार्ट वाच बरामद हुई। स्मार्ट वाच का आईएमईआई नंबर 357319540921999 व सीरियल नंबर 202312020092200 पाया गया। जांच में स्मार्ट वाच की कांटेक्ट लिस्ट में कई मोबाइल नंबर भी दर्ज मिले हैं।

बंदी पर गैंगस्टर एक्ट समेत अन्य धाराओं में दोषसिद्ध है और घटना के समय न्यायालय में पेशी पर गया हुआ था। कारागार प्रशासन ने बरामद समस्त सामग्री को सीलबंद कर साक्ष्य सहित कोतवाली अल्मोड़ा भेज दिया है। अधीक्षक जयंत पांगती ने उत्तराखंड कारागार एवं सुधारात्मक सेवाएं अधिनियम-2024 की धारा 39 के तहत एफआईआर दर्ज कर वैधानिक कार्रवाई की मांग की।

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