
पर्यटन विभाग ने ऋषिकेश सहित उत्तराखंड के सभी बंजी जंपिंग स्टेशनों के लिए सुरक्षा मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) लागू कर दी है। अब विभाग बंजी जंपिंग के लिए विस्तृत नियमावली बनाने में जुटा है।
ऋषिकेश। देशभर में बंजी जंपिंग के प्रमुख केंद्र के रूप में पहचान बना रहे ऋषिकेश में अब बंजी जंपिंग स्टेशनों में पर्यटक सुरक्षा मानकों की अनदेखी स्टेशन संचालकों पर भारी पड़ेगी।
पर्यटन विभाग ने ऋषिकेश समेत प्रदेश के सभी बंजी जंपिंग स्टेशनों के लिए एसओपी जारी कर दी है। ऋषिकेश के बंजी जंपिंग स्टेशनों के लिए एसओपी को सख्ती से लागू कर दिया है।
वहीं, अब पर्यटन निदेशालय बंजी जंपिंग के लिए नियमावली बनाने में जुट गया है। नियमावली बनने से सुरक्षा मानकों को लेकर स्पष्टता और नियमों का उल्लंघन करने पर स्टेशन संचालकों के खिलाफ दंड की विभिन्न श्रेणियां निर्धारित हो सकेंगी।
बंजी जंपिंग उत्तराखंड में तेजी से उभर रहा है, लेकिन अब तक प्रदेश में बंजी जंपिंग के लिए नियमावली न बन पाना पर्यटकों की सुरक्षा के लिए चिंता का विषय था।
नियमावली न होने से बंजी जंपिंग स्टेशनों में आवश्यक सुरक्षा मानकों का निर्धारण करना और उसे लागू कराना कई बार विभागीय अधिकारियों के लिए चुनौती बन रहा था। इसे देखते हुए अब पर्यटन विभाग बंजी जंपिंग के लिए प्रभावी नियमावली बनाने जा रहा है।
पिछले वर्ष शिवपुरी स्थित हिमालयन थ्रिल बंजी जंपिंग स्टेशन में बंजी जंपिंग के दौरान एक पर्यटक ऊंचाई से गिरकर गंभीर रूप से घायल हुआ था।
इस दौरान बंजी जंपिंग स्टेशन में कई सुरक्षा कमियां उजागर होने के बाद पर्यटन विभाग ने आइआइटी रुड़की के वैज्ञानिकों का बंजी जंपिंग स्टेशनों में निरीक्षण कराया है।
विभागीय समिति ने वैज्ञानिकों के मार्गदर्शन में कई सुरक्षा मानकों का पालन कराने की अनिवार्यता को लेकर सिफारिशें दी हैं, जिसे पर्यटन विभाग ने प्रदेश के सभी बंजी जंपिंग स्टेशनों में सख्ती से लागू करने के निर्देश दिए हैं।
टिहरी के शिवपुरी व पौड़ी जिले के मोहनचट्टी में स्थित बंजी जंपिंग स्टेशनों में एसओपी के क्रियान्वयन की निगरानी शुरू कर दी गई है।
लोकप्रिय साहसिक खेल बना बंजी जंपिंग
दरअसल, उत्तराखंड में बंजी जंपिंग साहसिक खेल की शुरुआत वर्ष 2017 से शुरू हुई, लेकिन पिछले पांच वर्षों में ऋषिकेश में बंजी जंपिंग स्टेशन के विकास में तेजी आई है।
वर्तमान में यहां तीन स्टेशन विकसित हो चुके हैं, जबकि कई निर्माणाधीन हैं। पिछले चार वर्षों में ऋषिकेश में बंजी जंपिंग करने वालों की संख्या हर साल तेजी से बढ़ रही है। ऐसे में बंजी जंपिंग के लिए नियमावली का बनना बेहद आवश्यक है।
इन दिनों बंजी जंपिंग करते पर्यटकों के रोमांचकारी वीडियो इंटरनेट मीडिया पर भी खूब ट्रेंड हो रहे हैं, जिससे बंजी जंपिंग के प्रति देशभर में हर आयु वर्ग के लोगों में उत्सुकता व रोमांच बढ़ रहा है।
जारी की गई एसओपी के प्रमुख बिंदु
- बंजी जंपिंग साइट को पूर्णतः अन्य गतिविधि एरिया से पृथक किया जाए।
- जंप मास्टर को पर्वतारोहण संस्थान से उचित प्रशिक्षण मिला हो व आवश्यक तकनीकी योग्यता हो। फर्म में पूर्व से कार्यरत कर्मियों को एक वर्ष का प्रशिक्षण।
- पर्यटकों के लिए फर्म द्वारा थर्ड पार्टी इंश्योरेंस किया जाना होगा।
- बंजी जंपिंग आने वाले प्रत्येक पर्यटक का विधिवत पूर्ण विवरण (नाम, पता, दूरभाष, पहचान-पत्र का प्रमाण लेना व प्रमाणिक पंजिका में दर्ज करना।
- बंजी साइटों द्वारा प्रयुक्त किये जाने वाले प्रत्येक तकनीकी उपकरणों का डिजिटल-लाग का उचित रखरखाव।
- प्रत्येक जंप से पहले अनिवार्य सुरक्षा परीक्षण चेकलिस्ट का पालन व प्रतिदिन के अभिलेख सुरक्षित रखें।
- जंप प्लेटफार्म पर जंप के लिए अनिवार्य चेक लिस्ट, एसओपी व संभावित खतरे से जुड़े आवश्यक संकेत व सूचक को उचित स्थानों पर दर्शाएं।
- प्रबंधक/सहायक प्रबंधक पदों पर तकनीकी प्रशिक्षित कार्मिक की तैनाती अनिवार्य।
- प्रत्येक जंपिंग प्लेटफार्म सीसीटीवी द्वारा मानिटर हों।
- प्रत्येक जंपिंग आपरेटर स्टैंडर्ड आइएसओ प्रमाणित बंजी कोर्ड का उपयोग अनिवार्य। सीट हार्नेस, रोप, कैराबिनर, यूआइएए, सीई व बीआइएस प्रमाणिक होने अनिवार्य होंगे।
पर्यटन निदेशालय ने बंजी जंपिंग स्टेशनों के लिए एसओपी जारी कर दी है, जिसका सख्ती से पालन कराया जा रहा है। यदि कोई बंजी जंपिंग स्टेशन में एसओपी की अनदेखी होते पाया गया तो संबंधित स्टेशन संचालक के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। विभागीय टीम समय-समय पर बंजी जंपिंग में औचक निरीक्षण कर वस्तुस्थिति की जांच करेगी। किसी भी पर्यटक की सुरक्षा के साथ समझौता होने नहीं दिया जाएगा।
– जसपाल सिंह चौहान, जिला साहसिक खेल एवं पर्यटन अधिकारी टिहरी।









