
एसएसपी प्रमेन्द्र डोबाल ने क्राइम मीटिंग में रानीपोखरी के पूर्व थानाध्यक्ष विकेंद्र चौधरी को एक पुराने भूमि विवाद मामले में निलंबित कर दिया।
देहरादून। क्राइम मीटिंग में एसएसपी प्रमेन्द्र डोबाल भड़क गए। उन्होंने रानीपोखरी थाने से जुड़े एक भूमि विवाद को लेकर पूर्व थानाध्यक्ष विकेंद्र चौधरी को भरी मीटिंग में ही सस्पेंड कर दिया।
उनके खिलाफ जांच के आदेश जारी किए गए हैं। साथ ही अन्य थानाध्यक्ष व चौकी प्रभारियों को नसीहत दी है कि यदि किसी की भी जमीन के प्रकरण में संलिप्तता सामने आई तो तत्काल निलंबन की कार्रवाई की जाएगी।
सोमवार शाम को रिजर्व पुलिस लाइन में क्राइम मीटिंग का आयोजन किया गया, जिसमें सभी एसपी, सीओ व थानाध्यक्ष मौजूद रहे।
इस दौरान एसएसपी ने हर थानाध्यक्ष से मुकदमों की प्रगति के बारे में पूछा। इस दौरान रानीपोखरी में दर्ज जमीन से जुड़े एक मामले में चर्चा शुरू हुई। इस दौरान पाया गया कि कुछ लोगों ने जमीन पर कब्जा करने के लिए एक व्यक्ति की गुमशुदगी 1971 में दिखाई।
यह गुमशुदगी रानीपोखरी थाने में दर्ज की गई थी। यह सुनकर एसएसपी का गुस्सा सातवें आसमान पर चढ़ गया और उन्होंने क्राइम मीटिंग में ही पूर्व थानाध्यक्ष विकेंद्र चौधरी को निलंबित कर दिया। अचानक हुई इस कार्रवाई से सभी थानाध्यक्ष अगल-बगल झांकने लगे।
एसएसपी ने जमीन धोखाधड़ी संबंधी मुकदमों की समीक्षा करते हुए कार्रवाई के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अवैध कब्जा करने वाले गिरोहों पर कड़ी कार्रवाई करें।
किसी भी व्यक्ति व गिरोह की ओर से अवैध तरीके से संपति पर कब्जा करने का प्रयास किया जाता है तो उस पर तत्काल कार्रवाई करें।
अवैध कब्जे किए जाने के प्रकरण में पुलिस की मिलीभगत पाई जाती है तो संबंधित थाना व चौकी प्रभारी के विरुद्ध भी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
नशा व शराब तस्करी पर कार्रवाई के लिए अल्टीमेटम
क्राइम मीटिंग में एसएसपी का मुख्य फोकस नशा व शराब तस्करों पर कार्रवाई करने को लेकर रहा।
उन्होंने बार-बार दोहराया कि इस पर लगाम लगाया जाए। साथ ही थानाध्यक्षों को अल्टीमेटम दिया कि नशे की खरीद फरोख्त से संबंधित शिकायतें मिलने पर संबंधित थाना प्रभारी के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।
इस दौरान उन्होंने डोईवाला कोतवाली की ओर से नशे के विरुद्ध की गई कार्रवाई पर थानाध्यक्ष की पीठ भी थपथपाई।








