सुप्रीम कोर्ट ने उत्तराखंड क्रिकेट एसोसिएशन के खिलाफ सीबीआई से राय मांगने के हाईकोर्ट के निर्देश पर रोक लगा दी है। अधिवक्ता विदुषी पांडेय की प्रभावी पैरवी के बाद यह फैसला एसोसिएशन के लिए बड़ी राहत माना जा रहा है।
देहरादून। क्रिकेट एसोसिएशन आफ उत्तराखंड के खिलाफ सीबीआइ से राय मांगने के हाईकोर्ट के निर्देश पर सुप्रीम कोर्ट ने रोक लगा दी है। एसोसिएशन की ओर से अधिवक्ता विदुषी पांडेय ने सुप्रीम कोर्ट में प्रभावी पैरवी की।
मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत, न्यायमूर्ति जायमाल्य बागची और न्यायमूर्ति वी. मोहना की पीठ ने एसोसिएशन की याचिका पर सुनवाई कर हाईकोर्ट के निर्देश पर रोक लगाई। इस घटनाक्रम को एसोसिएशन के लिए बड़ी राहत माना जा रहा है।
उत्तराखंड हाईकोर्ट ने क्रिकेट एसोसिएशन पर वित्तीय अनियमितता के आरोपों के प्रकरण में पुलिस रिपोर्ट को अस्पष्ट करार देकर सीबीआई से बंद लिफाफे में राय मांगी थी।
न्यायमूर्ति राकेश थपलियाल की एकलपीठ ने याचिकाकर्ता धीरज भंडारी की उत्तराखंड क्रिकेट एसोसिएशन के खिलाफ दर्ज शिकायत पर सुनवाई के बाद यह निर्णय लिया था। हाईकोर्ट के निर्देश को क्रिकेट एसोसिएशन ने सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी।
शीर्ष अदालत ने याचिका की सुनवाई कर सीबीआइ से राय मांगने के निर्देश पर रोक लगा दी। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद क्रिकेट एसोसिएशन आफ उत्तराखंड ने राहत का स्वागत किया है। एसोसिएशन ने न्यायिक प्रक्रिया में भरोसा जताते हुए कहा कि मामले में आगे की कार्रवाई अदालत के निर्देशों के अनुरूप होगी।



