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Big Breaking:-कैलास मानसरोवर यात्रा: बैठक की तिथि पर सस्पेंस, विदेश मंत्रालय की ओर निगाहें

इस साल की कैलास मानसरोवर यात्रा को लेकर अभी तक विदेश मंत्रालय, केएमवीएन, आईटीबीपी और जिला प्रशासन की बैठक की तिथि तय नहीं हुई है, जिससे यात्रा की तस्वीर साफ नहीं हो पाई है।

नैनीताल। कुमाऊं के रास्ते इस बार की प्रसिद्ध कैलास मानसरोवर यात्रा को लेकर अब तक तस्वीर साफ नहीं हुई है। यात्रा को लेकर इस बार विदेश मंत्रालय की ओर से कुमाऊं मंडल विकास निगम, आइटीबीपी,

जिला प्रशासन के साथ बैठक की तिथि को लेकर सस्पेंस बना है जबकि पिछले साल यह बैठक 15 जनवरी को हुई थी। पिछले साल से पहली बार यात्रा चंपावत जिले के टनकपुर के रास्ते शुरू हुई थी जबकि उससे पहले यात्रा काठगोदाम के रास्ते होती थी।

इसी बीच केएमवीएन ने आदि कैलास यात्रा को लेकर होमवर्क अंतिम रूप दे दिया है। होली के बाद यात्रा कार्यक्रम जारी हो सकता है। कोविड काल में बंद कैलास मानसरोवर यात्रा पिछले साल फिर आयोजित की गई थी। पिछले साल पहला बैच 30 जून को जबकि पांचवां दल चार अगस्त को दिल्ली से रवाना हुआ था। यात्रा का समापन 25 अगस्त को हुआ था। यात्रा अवधि 22 दिवसीय थी।

केएमवीएन के एमडी विनीत तोमर के अनुसार फिलहाल विदेश मंत्रालय की ओर से यात्रा तैयारियों को लेकर बैठक की सूचना नहीं है। उम्मीद है कि जल्द सूचना मिलेगी, अलबत्ता जोड़ा कि निगम स्तर पर यात्रा तैयारियों को लेकर होमवर्क पूरा है।

यह हैं यात्रा के प्रमुख पड़ाव

दिल्ली, रुद्रपुर, टनकपुर, पिथौरागढ़, धारचूला, तवाघाट, बूंदी, गुंजी, कालापानी, नाभीढांग, लिपुलेख दर्रा, तकलाकोट, कूंगू, होरे, जांगजरबू, डोलमाला, दरफुक, दार्चेन, पनखा, जैदी, डीडीहाट, चौकोड़ी, पाताल भुवनेश्वर, जागेश्वर धाम अल्मोड़ा, काठगोदाम से दिल्ली।

करीब 18 हजार शिवभक्त कर चुके हैं मानसरोवर के दर्शन

नैनीताल: केएमवीएन की ओर से कैलास मानसरोवर यात्रा 1981 से शुरू हुई थी। पहली बार तीन दलों में 59 यात्री शामिल हुए थे जबकि 2019 तक 478 दलों में 17784 शिवभक्त कैलास मानसरोवर यात्रा पर गए हैं। 2019 में 18 दलों में सर्वाधिक 949 शिवभक्त यात्रा पर गए थे।

केएमवीएन के पूर्व साहसिक पर्यटन प्रबंधक गिरधर मनराल के अनुसार 1981 में पहले दल में पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत, जनता पार्टी के पूर्व अध्यक्ष सुब्रमण्यम स्वामी जबकि 90 के दशक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, तत्कालीन कर्नाटक डीजीपी राजगोपालन, तत्कालीन सीबीआइ निदेशक डीआर कार्तिकेन जबकि 2019 के साथ ही पिछले साल उत्तराखंड के वरिष्ठ आइपीएस संजय गुंज्याल यात्री दल में शामिल रहे।

आदि कैलास यात्रा की तैयारी जोरों पर

नैनीताल: कुमाऊं मंडल विकास निगम ने आदि कैलास यात्रा की तैयारियों को अंतिम रूप देने आरंभ कर दिया है। इस बार मौसम को देखते हुए आठ मई से यात्रा प्रस्तावित की गई है। यात्रा के कार्यक्रम को होली के बाद जारी किया जा सकता है। एमडी के अनुसार यात्रा को लेकर प्रशासनिक तैयारियां व व्यवस्थाओं को अंतिम रूप दिया जा रहा है। यात्रा के लिए बुकिंग इस बार भी आनलाइन ही होगी।

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