Big Breaking:-गूगल मैप से बनेंगी गली-मोहल्लों की सीमाएं, जियो टैगिंग भी होगी, सवालों को पांच हिस्सों में बांटा

जनगणना के लिए सभी 13 जिलों के 13 डीएम और 11 नगर निगमों के नगर आयुक्त प्रधान जनगणना अधिकारी बनाए गए हैं। हर प्रगणक को जो क्षेत्र मिलेगा, उसकी जिया टैगिंग के साथ सीमाएं तय की जाएंगी। 

जनगणना के पहले चरण के तहत मकान सूचीकरण एवं मकान गणना के लिए गूगल मैप से गली-मोहल्लों की मैपिंग की जाएगी। हर प्रगणक को जो क्षेत्र मिलेगा, उसकी जिया टैगिंग के साथ सीमाएं तय की जाएंगी। वहीं, भवन गणना के दौरान सवालों को पांच हिस्सों में बांटा गया है।

निदेशक जनगणना इवा आशीष श्रीवास्तव ने बताया कि भवन गणना के लिए गूगल मैप की मदद से पहले नक्शे पर चिह्निकरण किया जाएगा। प्रगणकों को सीमाएं निर्धारित करनी होंगी, जिसके हिसाब से वह मकान गणना करेंगे। जनगणना के सवालों को पांच हिस्सों कंडीशन ऑफ हाउस, हाउसहोल्ड इंफोर्मेशन, एमिनिटीज एवेलेबल इन हाउस, एसेट्स और अन्य में बांटा गया है।

24 प्रधान जनगणना अधिकारी संभालेंगे जिम्मेदारी

जनगणना के लिए सभी 13 जिलों के 13 डीएम और 11 नगर निगमों के नगर आयुक्त प्रधान जनगणना अधिकारी बनाए गए हैं। जिलों में अल्मोड़ा में 1723, बागेश्वर में 8871, चमोली में 1203, चंपावत में 830, देहरादून में 2675, गढ़वाल में 2290, हरिद्वार में 4045, नैनीताल में 1912, पिथौरागढ़ में 1514, रुद्रप्रयाग में 821, टिहरी में 1969, ऊधमसिंह नगर में 3570 और उत्तरकाशी में 976 सुपरवाइजर व प्रगणक जनगणना में शामिल होंगे।

वहीं, नगर निगम अल्मोड़ा में 84, देहरादून में 2466, ऋषिकेश में 268, कोटद्वार में 441, श्रीनगर में 91, हरिद्वार में 577, रुड़की में 455, हल्द्वानी में 1009, पिथौरागढ़ में 203, काशीपुर में 445 और रुद्रपुर में 401 सुपरवाइजर व प्रगणक भवन गणना में शामिल होंगे। कुल मिलाकर 30,839 सुपरवाइजर व प्रगणक इस जनगणना में शामिल होने जा रहे हैं।

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