
गैरसैंण के पास जंगलों में भड़की भीषण आग, देख कर भी अनदेखा कर आगे बढ़ रहे अधिकारी, सरकार के दावों की खुली पोल
गैरसैंण: भराड़ीसैंण में विधानसभा का बजट सत्र चल रहा है. जहां सदन के भीतर वन अधिनियम, जंगलों में आग और मानव-वन्यजीव संघर्ष जैसे मुद्दों पर चर्चा हो रही है, लेकिन विधानसभा परिसर से कुछ ही दूरी पर जंगलों में आग भड़की हुई. आग इतनी भयानक तरीके से धधक रही है कि जिसे देख हर कोई सहम रहा है.

दरअसल, गैरसैंण के पास आदिबद्री क्षेत्र के भटोली गांव के आसपास के जंगलों में देर रात से भयानक आग लगी हुई है. पहाड़ों की ढलानों पर चारों तरफ लपटें उठती दिखाई दे रही हैं. रात के अंधेरे में जलते जंगलों की रोशनी दूर बसे गांवों तक साफ नजर आ रही है, जिससे आग और बसावटों की नजदीकी का अंदाजा लगाया जा सकता है.
चमोला गांव के जंगलों में भी धधक रही आग: इतना ही नहीं, भटोली गांव के सामने स्थित पहाड़ी पर चमोला गांव के जंगलों में भी आग धधक रही है. इस पूरे इलाके में कई किलोमीटर तक जंगलों के जलने का मंजर दिखाई दे रहा है. स्थानीय लोगों के मुताबिक. जंगलों में लगी आग ने गांवों की चिंता बढ़ा दी है.

जंगलों में लगी आग से काफी नुकसान हो रहा है. भटोली के जंगल के अलावा सामने पहाड़ पर चमोला गांव के जंगलों में भी इसी तरह आग लगी हुई है. जंगल जलने से वन संपदा का नुकसान तो हो ही रहा है, साथ ही जंगली जानवर भी गांवों की ओर आने लगे हैं.“- वीरेंद्र, दुकानदार, भटोली गांव
स्थानीय युवक ने कहा- आग की वजह से जंगल से आबादी की तरफ आ रहे वन्यजीव: वहीं, एक अन्य स्थानीय युवक सुनील गुसाईं ने बताया कि पहाड़ियों पर चारों तरफ आग लगी हुई है. आग की वजह से जंगली जानवर अब गांवों और घरों की तरफ आ रहे हैं, जिससे लोगों में डर का माहौल है. उनका कहना है कि पहाड़ के गांवों में ऐसी चुनौतियां अब आम हो गई हैं.
स्थानीय लोगों का कहना है कि इन दिनों गैरसैंण में विधानसभा का बजट सत्र चल रहा है और पूरी सरकार व कई बड़े अधिकारी यहां मौजूद हैं. कई अधिकारी इसी रास्ते से गुजर भी रहे हैं और जंगलों में लगी आग साफ दिखाई दे रही है,
लेकिन इसके बावजूद स्थिति को लेकर कोई ठोस कार्रवाई नजर नहीं आ रही है. लोगों का कहना है कि जब सरकार और प्रशासन यहां मौजूद है, तब भी अगर सुनवाई नहीं हो रही है तो आगे क्या उम्मीद की जा सकती है.
स्थायी समाधान की मांग: ग्रामीणों का कहना है कि पहाड़ में हर मौसम अपने साथ नई चुनौती लेकर आता है. गर्मियों में जंगलों में आग की समस्या बढ़ जाती है, बरसात के समय भूस्खलन की घटनाएं सामने आती हैं और सर्दियों में बर्फबारी से जनजीवन प्रभावित होता है. ऐसे में ग्रामीणों का कहना है कि इन समस्याओं का स्थायी समाधान होना चाहिए.
वहीं, इस पूरे मामले को ईटीवी भारत के संवाददाता धीरज सजवान ने मौके पर पहुंचकर ग्राउंड रिपोर्ट के जरिए दिखाया. रिपोर्ट में जलते जंगलों का भयावह दृश्य और ग्रामीणों की परेशानियों को सामने लाया गया है. सवाल ये भी उठ रहा है कि हर साल जंगलों में आग से निपटने के लिए करोड़ों रुपये का बजट खर्च किया जाता है, लेकिन जमीनी स्तर पर हालात अब भी गंभीर नजर आ रहे हैं.









