
पुलिस की ओर से सभी तैयारियों को लगभग पूरा कर लिया गया है। इस संबंध में शुक्रवार को पुलिस मुख्यालय में सभी पुलिस अधिकारियों के साथ उच्चस्तरीय बैठक की गई।
चारधाम यात्रा मार्ग और धाम परिसर में सुरक्षा के मद्देनजर आतंकवादी निरोधी दस्ता (एटीएस) भी तैनात रहेगा। इसके अलावा धाम परिसर में आने वाले यूट्यूबर और ब्लॉगर पुलिस की निगरानी में रहेंगे। इस संबंध में डीजीपी दीपम सेठ ने पुलिस अधिकारियों को एसओपी का पालन कराने के निर्देश दिए हैं।
यात्रा से पहले धाम और मार्ग के निरीक्षण के लिए दो एडीजी और चार आईजी की ड्यूटी लगाई गई है। चारधाम यात्रा के नोडल अफसर के तौर पर आईजी गढ़वाल को नामित किया गया है। डीजीपी दीपम सेठ ने बताया कि चारधाम यात्रा को सुगम और सुरक्षित बनाने के लिए उत्तराखंड पुलिस प्रतिबद्ध है।
पुलिस की ओर से सभी तैयारियों को लगभग पूरा कर लिया गया है। इस संबंध में शुक्रवार को पुलिस मुख्यालय में सभी पुलिस अधिकारियों के साथ उच्चस्तरीय बैठक की गई। इसमें सभी तैयारियों के संबंध में अधिकारियों से जानकारी लेकर दिशा निर्देश जारी किए गए।
यात्रा से पहले एडीजी कानून व्यवस्था डॉ. वी मुरुगेशन गंगोत्री धाम, एडीजी एपी अंशुमान बद्रीनाथ धाम, आईजी विम्मी सचदेवा हरिद्वार, आईजी एसटीएफ डॉ. नीलेश आनंद भरणे केदारनाथ धाम, आईजी अनंत शंकर ताकवाले यमुनोत्री धाम और आईजी सुनील कुमार मीणा ऋषिकेश,
लक्ष्मण झूला और मुनि की रेती का निरीक्षण करेंगे। ये सभी अधिकारी यहां पर सुरक्षा, यातायात प्रबंधन, पार्किंग स्थल, भीड़ प्रबंधन, हाल्टिंग प्वाइंट्स, टोकन व्यवस्था, रजिस्ट्रेशन केंद्र और पुलिस बल के ठहरने के स्थान आदि की तैयारियों का जायजा लेंगे।
यात्रा मार्ग को सुरक्षित बनाने और व्यवस्थाओं को परखने के लिए एटीएस टीमों के साथ मिलकर मॉकड्रिल का आयोजन भी किया जाएगा। डीजीपी ने बताया कि संभावित खतरों को कम से कम करने के लिए बॉटल नेक, लैंड स्लाइड जोन आदि को चिह्नित कर लिया गया है। यातायात नियंत्रण को और अधिक सुदृढ़ बनाने के लिए मोटरसाइकिल पेट्रोलिंग के साथ-साथ आधुनिक तकनीक का उपयोग किया जाएगा।
ये निर्देश भी दिए
– आपात स्थिति से निपटने के लिए एसडीआरएफ और एनडीआरएफ के साथ लगातार समन्वय स्थापित रखा जाए।
– होटल, ढाबे, टेंट, घोड़ा-खच्चर संचालक, पालकी संचालक, टैक्सी चालक सहित यात्रा से जुड़े सभी सेवा प्रदाताओं और अस्थायी रूप से कार्यरत स्थानीय व बाहरी व्यक्तियों का अनिवार्य सत्यापन किया जाए।
– सोशल मीडिया और मीडिया ब्रीफिंग के माध्यम से यात्रियों को समय-समय पर सही सूचनाएं उपलब्ध कराई जाएं।
– चारधाम यात्रा के दौरान भ्रामक सोशल मीडिया पोस्टों पर सख्त तत्काल कार्रवाई की जाए।
– दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेस-वे के संचालन से राज्य में आने वाले वाहनों की संख्या में भारी वृद्धि होगी जिसके लिए एक प्रभावी कार्ययोजना तैयार की जाए।
– मंदिर परिसरों में मोबाइल फोन व कैमरा के प्रयोग पर एसओपी का सख्ताई से पालन कराया जाए।
– ब्लॉगर और यूट्यूबरों की गतिविधियों पर भी सतर्क दृष्टि रखी जाए।
– सुरक्षा के मद्देनजर, धामों पर निजी ड्रोनों के संचालन के संबंध में जारी की गई एसओपी का कड़ाई से पालन कराया जाए।









