हरिद्वार में उत्तर प्रदेश, दिल्ली और हरियाणा से डाक कांवड़ का रैला पहुंचने के साथ ही कांवड़ मेला चरम पर है। अब तक तीन करोड़ से अधिक शिवभक्त जल लेकर अपने गंतव्य को प्रस्थान कर चुके थे।
हरिद्वार। Kanwar Yatra 2026: उत्तर प्रदेश, दिल्ली व हरियाणा से डाक कांवड़ का रैला हरिद्वार पहुंचने के साथ ही कांवड़ मेला अपने चरम पर पहुंच गया। कांवड़ यात्रियों के हरिद्वार पहुंचने और लौटने का सिलसिला 24 घंटे चालू है। शनिवार शाम छह बजे तक 55 लाख 40 हजार शिवभक्त जल लेकर अपने गंतव्य को प्रस्थान कर चुके थे।

अभी तक कांवड़ मेले में आने वाले शिवभक्तों का आंकड़ा तीन करोड़ पार पहुंच गया है। हरिद्वार की सबसे बड़ी बैरागी कैंप पार्किंग से लेकर शहर में हाइवे से सटी काॅलाेनियों में डाक कांवड़ के हजारों वाहन नजर आ रहे हैं। रविवार को अभी तक की सबसे ज्यादा भीड़ उमड़ने का अनुमान लगाया जा रहा है।
30 जुलाई से शुरू हुआ मेला
श्रावण मास कांवड़ मेला 30 जुलाई से विधिवत रूप से शुरू हुआ था। पहले सप्ताह में कांवड़ यात्रियों की भीड़ उमड़ने के बाद डाक कांवड़ का जोर शुरू हुआ।
शनिवार को उत्तर प्रदेश के मेरठ, मुजफ्फरनगर, गाजियाबाद, शामली, बागपत, सहारनपुर और हरियाणा के सोनीपत, पानीपत, अंबाला, गुरुग्राम, फरीदाबाद से 25 हजार से ज्यादा वाहन मंगलौर से वाया लक्सर होते हुए कनखल बैरागी कैंप पहुंचे। इसी तरह दिल्ली व राजस्थान के अलग-अलग जिलों से भी 10 हजार से ज्यादा हरिद्वार पहुंचे।
हजारों की संख्या में डेरा डाले हुए कांवड़ यात्री
अधिकांश वाहनों को बैरागी कैंप पार्किंग में पार्क कराया गया। लेकिन बड़ी संख्या में वाहन लक्सर क्षेत्र से गांवों के रास्ते सुभाषगढ़, दीनारपुर, ऐथल, एक्कड़ व सराय होते हुए ज्वालापुर पहुंचे।
ज्वालापुर में सब्जी मंडी, ट्रांसपोर्ट नगर, हरिलोक कॉलोनी, जर्स कंट्री सहित जमालपुर, जियापोता, जगजीतपुर, मिस्सरपुर क्षेत्र की कॉलोनियों में हर तरफ डाक कांवड़ के वाहनों के साथ हजारों की संख्या में कांवड़ यात्री डेरा डाले हुए हैं।
डाक कांवड़ के वाहन बढ़ने के साथ ही पैदल कांवड़ यात्रियों की संख्या बहुत कम रह गई है। शनिवार देर रात तक जितनी बड़ी संख्या में डाक कांवड़ के वाहन हरिद्वार पहुंच रहे थे, उससे रविवार सुबह या दोपहर तक सभी पार्किंग भरने की उम्मीद है।
एसएसपी नवनीत सिंह ने बताया कि कावड़ मेला प्रारंभ होने से शनिवार शाम तक तीन करोड़ 19 लाख 48 हजार शिवभक्त जल लेकर अपने-अपने गंतव्य को प्रस्थान कर चुके हैं। डाक कांवड़ के वाहनों की संख्या हर घंटे बढ़ रही है। निर्धारित पार्किंग में वाहन खड़े कराए जा रहे हैं। अन्य जगहों पर खड़े वाहनों को भी पार्किंग में भेजने का प्रयास किया जा रहा है।