Kanwar Yatra 2026: पैदल कांवड़ यात्रियों के बाद अब बाइक सवार कांवड़ियों की भीड़ बढ़ने से हरिद्वार में ट्रैफिक व्यवस्था के सामने नई चुनौती खड़ी हो गई है।
हरिद्वार। Kanwar Yatra 2026: कांवड़ मेले में पैदल कांवड़ यात्रियों की भीड़ के बाद अब तीसरे चरण में बाइक सवार कांवड़ यात्रियों की आमद तेज होने जा रही है।
गंगा जल लेकर अपने गंतव्य की ओर लौट रहे पैदल कांवड़ यात्रियों की संख्या लगातार बढ़ रही है। इसी के साथ अब सड़कों पर बाइक सवार कांवड़ यात्रियों के जत्थे नजर आने लगे हैं। आने वाले दिनों में इनकी संख्या में और तेजी आने की संभावना है। ऐसे में पुलिस के सामने ट्रैफिक मैनेजमेंट की अगली बड़ी चुनौती खड़ी हो गई है।
नए सिरे से बनानी होगी रणनीति
अभी तक हाइवे से शहर की ओर आने वाले संपर्क मार्गों पर पुलिस ने मजबूत बैरिकेडिंग कर रखी है। इन रास्तों से वाहनों को मेला क्षेत्र और शहर के अंदरूनी इलाकों में प्रवेश नहीं दिया जा रहा है। पैदल कांवड़ यात्रियों की भारी भीड़ के बीच यह व्यवस्था काफी हद तक कारगर रही है। अब दुपहिया वाहनों की संख्या बढ़ने के साथ पुलिस को यातायात व्यवस्था में नए सिरे से रणनीति बनानी होगी।
पिछले कुछ वर्षों में बाइक से कांवड़ लाने का चलन तेजी से बढ़ा है। युवा कांवड़ यात्री बड़ी संख्या में बाइक पर सवार होकर हरिद्वार पहुंचते हैं। इस दौरान कई बार बाइकर्स जत्थों में तेज गति से चलते हैं, जिससे दुर्घटना और जाम का खतरा बढ़ जाता है।
वहीं, बिना साइलेंसर या मॉडिफाइड साइलेंसर वाली बाइकों का शोर भी आबादी वाले क्षेत्रों में परेशानी का कारण बनता है। बाइकर्स के बढ़ते दबाव के बीच पुलिस के सामने सबसे बड़ी चुनौती भीड़ और यातायात के बीच संतुलन बनाए रखने की होगी। हाईवे, संपर्क मार्गों और शहर की सीमाओं पर अतिरिक्त निगरानी के साथ बाइक सवार कांवड़ियों की आवाजाही को नियंत्रित करना होगा।
देखना यह होगा कि पैदल कांवड़ यात्रियों का सैलाब संभालने के बाद पुलिस बाइक सवार कांवड़ यात्रियों के इस अगले सैलाब को किस रणनीति से नियंत्रित करती है। वहीं, एसएसपी नवनीत सिंह ने बताया कि दुपहिया वाहनों को भी निर्धारित मार्गों से हाेते हुए तयशुदा पार्किंग तक लाने का प्रयास किया जाएगा। ताकि यातायात सुचारू बना रहे और स्थानीय निवासियों को भी कम से कम परेशानी उठानी पड़े।