Big Breaking:-गैरसैंण समेत तीन स्मार्ट सिटी बनेंगे, शहरों को मिलेगा जाम से छुटकारा, बजट बढ़ाकर 1814 करोड़ किया

चारधाम यात्रा मार्ग में बाड़ाहाट (उत्तरकाशी), आदि कैलाश मार्ग में पिथौरागढ़ और ग्रीष्मकालीन राजधानी गैरसैंण को राज्य पोषित योजना के तहत स्मार्ट सिटी के रूप में विकसित किया जाएगा।

सरकार प्रदेश में तीन स्मार्ट सिटी बनाएगी। शहरों को जाम से छुटकारा मिलेगा तो 4000 से अधिक लोगों को अपने आवास की सौगात मिलेगी। धामी सरकार ने शहरी विकास विभाग का बजट पिछले साल के 1161 करोड़ से बढ़ाकर इस साल 1814 करोड़ रुपये कर दिया है। वहीं, नगरीय अवस्थापना पर 60 करोड़ अतिरिक्त बजट दिया जाएगा।

चारधाम यात्रा मार्ग में बाड़ाहाट (उत्तरकाशी), आदि कैलाश मार्ग में पिथौरागढ़ और ग्रीष्मकालीन राजधानी गैरसैंण को राज्य पोषित योजना के तहत स्मार्ट सिटी के रूप में विकसित किया जाएगा। इसके लिए 30 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।

वहीं, स्वच्छ भारत मिशन-2 के तहत पौड़ी, सतपुली, चिन्यालीसौड़, बड़कोट, पुरोला, घनसाली, चमियाला, धारचूला, जसपुर, पिथौरागढ़ की डीपीआर तैयार की गई है। शहरी क्षेत्रों में पैदल मार्ग बनाने के लिए 10 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।

प्रधानमंत्री आवास योजना 2.0 (शहरी) के तहत 2355 बीएलसी आवास का निर्माण कराया जा रहा है। अगले वर्ष के लिए 4000 आवास प्रस्तावित हैं। नगर क्षेत्रों में पेयजल, स्वच्छता विकास के लिए देहरादून, विकासनगर, हल्द्वानी, कोटद्वार, चंपावत, टनकपुर, किच्छा में एडीबी की तीन परियोजनाएं चल रही हैं।

इनके लिए पूंजीगत मद में 652 करोड़ रुपये के बजट का प्रावधान किया गया है। वहीं, नगर अवस्थापना की मजबूती के लिए 60 करोड़ रुपये बजट प्रावधान किया गया है। सरयू एवं अन्य रिवर फ्रंड परियोजनाओं को 10 करोड़ मिलाकर शहरी विकास विभाग को पूंजीगत मद में 1401.85 करोड़ का बजट प्रावधान किया गया है। समग्र रूप से शहरी निकायों के लिए 1814 करोड रुपये का प्रावधान किया गया।

जाम से मिलेगा छुटकारा, आवास विभाग को 130 करोड़

शहरों में पर्यटन सीजन में विशेषकर जाम मुसीबत है। इससे छुटकारे के लिए 196 वाहन पार्किंग स्थलों का चयन किया गया है। इसमें 66 सरफेस पार्किंग, 112 मल्टी लेवल कार पार्किंग, 09 ऑटोमेटेड कार पार्किंग और नौ टनल पार्किंग चिह्नित हैं। 196 में से 150 की डीपीआर तैयार हो चुकी,

जिसमें से 618 करोड़ की 114 परियोजनाओं पर काम शुरू हो चुका। विकास प्राधिकरण 296 करोड़ की 11 परियोजनाओं पर अपने संसाधनों से काम कर रहे हैं। बजट में आवास विभाग को अवस्थापना मद में 130 करोड़ बजट प्रावधान किया गया। वहीं, पूंजीगत मद में 291 करोड़ का प्रावधान किया गया।

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