
हल्द्वानी के पनियाली गांव में एक महिला को मारने वाली बाघिन उसके घर के पास दो बार देखी गई, जिससे ग्रामीणों में दहशत फैल गई है। वन विभाग ने बाघिन को पकड़ने के लिए पिंजरे और ट्रैप कैमरे लगाए हैं, साथ ही 60 वनकर्मी तैनात किए हैं।
हल्द्वानी। पनियाली गांव में बाघ को लेकर दहशत बनी हुई। बुधवार को जंगल में घास काटने के लिए गई कमला फर्त्याल को मौत के घाट उतारने वाला बाघ गुरुवार सुबह उनके घर के पास दो बार दिखाई दिया। इधर, वन विभाग ने बाघ को पकड़ने के लिए जंगल में एक पिंजरा और 10 ट्रैप कैमरे लगाए हैं।
ग्राम प्रधान कपिल देवका ने बताया कि गुरुवार सुबह कमला फर्त्याल के घर से करीब 50 मीटर दूर दो बार बाघ दिखा। पहले सुबह 4.30 बजे और फिर करीब सात बजे बाघ दिखा। ग्रामीणों को डर है कि बाघ के मुंह में इंसानी खून लगने के चलते वह आबादी की ओर आ रहा है। क्योंकि, बाघ ने महिला को मारने के बाद उनके शरीर का कुछ हिस्सा खाया भी था। इसके बाद ग्रामीणों ने वन विभाग को जानकारी दी।
बता दें कि बुधवार सुबह जंगल में अकेले घास काटने के लिए गई कमला को बाघ ने मार दिया था। काफी तलाश के बाद शाम को उनका क्षत-विक्षत शव मिला। आक्रोशित ग्रामीणों ने कठघरिया चौराहे स्थित वन चौकी पर प्रदर्शन किया था। बाद में डीएफओ डीएस मर्तोलिया के समझाने पर ग्रामीण माने थे। गुरुवार को हल्द्वानी मोर्चरी में महिला का पोस्टमार्टम किया गया। इसके बाद उनके शव को अंतिम संस्कार के लिए ले जाया गया।
60 वनकर्मी जंगल में ढूंढ रहे बाघ, निगरानी के लिए बनाए मचान
फतेहपुर रेंज के रेंजर प्रदीप असगोला ने बताया कि बाघ को पकड़ने के लिए 60 वनकर्मियों की टीम लगी है। जंगल में पिंजरा और ट्रैप कैमरे लगा दिए गए हैं। बाघ को ट्रैंकुलाइज करने के प्रयास किए जा रहे हैं।
कार्बेट टाइगर रिजर्व के वरिष्ठ पशु चिकित्साधिकारी डा. दुष्यंत शर्मा की भी टीम बाघ को पकड़ने के लिए जुटी हुई है। जंगल में एक मचान बना दिया गया है। इसमें बैठकर डा. शर्मा बाघ पर नजर रखेंगे। वहीं शुक्रवार को भी वनक्षेत्र में एक मचान बनाया जाएगा।









