उत्तराखण्ड

Big Breaking:-UKSSSC वीपीडीओ भर्ती परीक्षा घोटाले में ईडी की बड़ी कार्रवाई, देहरादून में कई ठिकानों पर छापे, पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत के OSD पर भी कार्यवाई !!

पूर्व सीएम हरीश रावत के पूर्व OSD एवं PA चंदन सिंह जीना के घर से 32 लाख रुपये नकद, सोना और 12 लग्जरी घड़ियां बरामद

उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (UKSSSC) की ग्राम पंचायत विकास अधिकारी (VPDO) परीक्षा-2016 में कथित अनियमितताओं से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बड़ी कार्रवाई की है। ईडी के देहरादून सब-जोनल कार्यालय ने 10 सितंबर को धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA), 2002 के तहत देहरादून में कई स्थानों पर तलाशी अभियान चलाया।

ईडी के मुताबिक, यह कार्रवाई UKSSSC की VPDO परीक्षा में बड़े स्तर पर हुई कथित अनियमितताओं से जुड़े मामले में की गई। मामला देहरादून के थाना विजिलेंस में दर्ज एफआईआर और इससे संबंधित तीन अन्य एफआईआर पर आधारित है।

पूर्व UKSSSC अधिकारियों और बिचौलियों के ठिकानों पर तलाशी

ईडी ने तत्कालीन UKSSSC अध्यक्ष और सचिव, तत्कालीन परीक्षा नियंत्रक, ओएमआर शीट की प्रोसेसिंग से जुड़ी निजी कंप्यूटर एजेंसी के मालिक और कथित तौर पर साजिश से जुड़े बिचौलियों के आवासों पर तलाशी ली। इसके अलावा पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत के कार्यकाल में 2014 से 2017 तक विशेष कार्याधिकारी (OSD) और निजी सहायक (PA) रहे तथा वर्तमान में पूर्व मुख्यमंत्री के निजी सहायक के रूप में कार्यरत चंदन सिंह जीना के आवास पर भी तलाशी ली गई।

चंदन सिंह जीना के घर से 32 लाख नकद और सोना

ईडी के अनुसार, चंदन सिंह जीना के आवास से 32 लाख रुपये की बेहिसाबी नकदी, करीब 200.5 ग्राम सोने के सिक्के और चेन बरामद हुए। इसके साथ ही रोलेक्स, राडो, पियाजे, मोवाडो, टिसॉट और कैसियो समेत 12 लग्जरी कलाई घड़ियां भी मिलीं।

ईडी ने बताया कि तलाशी के दौरान जीना और उनके परिवार के बैंक खातों को PMLA की धारा 17(1A) के तहत फ्रीज किया गया। इन खातों में कुल करीब 52.16 लाख रुपये का क्रेडिट बैलेंस बताया गया है। उनका मोबाइल फोन भी फॉरेंसिक जांच के लिए जब्त किया गया।

कुल जब्त और फ्रीज संपत्तियों की कीमत करीब 1.28 करोड़

ईडी के अनुसार, चंदन सिंह जीना के आवास से जब्त और फ्रीज की गई संपत्तियों का कुल मूल्य फिलहाल करीब 1.28 करोड़ रुपये आंका गया है। 12 अन्य लग्जरी घड़ियों की कीमत का आकलन अभी किया जा रहा है, जिसके बाद यह राशि और बढ़ सकती है।

ओएमआर शीट में हेरफेर का आरोप

जांच में ईडी को पता चला कि UKSSSC की सुरक्षित कस्टडी से ओएमआर उत्तर पुस्तिकाएं तत्कालीन सचिव के निजी आवास तक पहुंचाई गईं। वहां खाली छोड़े गए ओएमआर रोल नंबरों की पहचान कर उन्हें निजी कंप्यूटर एजेंसी के कर्मचारियों को दिया गया। आरोप है कि इन उत्तर पुस्तिकाओं में उत्तर के गोले भरने और उनमें बदलाव करने के बाद उन्हें दोबारा सील किया गया। इसके बदले कथित तौर पर बिचौलियों के माध्यम से अवैध रकम का लेनदेन किया गया।

ईडी ने तलाशी के दौरान कई पूर्व UKSSSC

अधिकारियों और संबंधित लोगों से नकद राशि तथा कुछ मामलों में सोने के आभूषण भी बरामद किए हैं। मामले में आगे की जांच जारी है।

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