
कोटद्वार के पटेलमार्ग में एक दुकान का नाम ‘बाबा’ रखने को लेकर विवाद गहरा गया है। बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने दुकान मालिक पर मारपीट का आरोप लगाते हुए विरोध प्रदर्शन किया। घटना का वीडियो वायरल होने से आक्रोश बढ़ गया।
अपर पुलिस अधीक्षक चंद्रमोहन सिंह के हस्तक्षेप के बाद स्थिति को नियंत्रित किया गया। कार्यकर्ताओं ने दोषियों की गिरफ्तारी की मांग की।
कोटद्वार के पटेलमार्ग में एक दुकान का नाम ‘बाबा’ रखने को लेकर विवाद गहरा गया है। बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने दुकान मालिक पर मारपीट का आरोप लगाते हुए विरोध प्रदर्शन किया।
घटना का वीडियो वायरल होने से आक्रोश बढ़ गया। अपर पुलिस अधीक्षक चंद्रमोहन सिंह के हस्तक्षेप के बाद स्थिति को नियंत्रित किया गया। कार्यकर्ताओं ने दोषियों की गिरफ्तारी की मांग की।
कोटद्वार। कोटद्वार नगर निगम क्षेत्र के अंतर्गत पटेलमार्ग स्थित एक दुकान का नाम बाबा रखने को लेकर उपजा विवाद अब तूल पकड़ता जा रहा है।
मामले को लेकर बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने सड़कों पर उतरकर विरोध प्रदर्शन किया और घटना में शामिल दोषियों की गिरफ्तारी की मांग की। अपर पुलिस अधीक्षक चंद्रमोहन सिंह के हस्तक्षेप के बाद स्थिति पर काबू पाया जा सका।
दरअसल, बीते बुधवार को पटेलमार्ग स्थित एक कपड़े की दुकान का नाम ‘बाबा’ रखने के विरोध में पहुंचे बजरंग दल के कार्यकर्ताओं के साथ दुकानदार और उसके साथियों द्वारा मारपीट की गई थी। इस घटना का वीडियो इंटरनेट मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिससे आक्रोश और बढ़ गया।
शनिवार को बजरंग दल के गौरक्षा दल के प्रांत प्रमुख नरेश उनियाल के नेतृत्व में बड़ी संख्या में कार्यकर्ता जुलूस की शक्ल में पटेलमार्ग पहुंचे और एक दुकान के पास एकत्रित हो गए।
कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि घटना के दौरान एक बुजुर्ग के साथ घक्का-मुक्की और मारपीट की गई थी। भीड़ बढ़ने पर पुलिस प्रशासन भी सतर्क हो गया और मौके पर पहुंच गया।
पुलिस द्वारा भीड़ को तितर-बितर करने का प्रयास किया गया, लेकिन बजरंग दल के कार्यकर्ता नारेबाजी करते हुए मालवीय उद्यान की ओर बढ़ने लगे।
इसी दौरान घटनाक्रम से जुड़ा एक व्यक्ति वहां पहुंच गया, जिससे दोनों पक्षों के बीच तनाव बढ़ गया और झगड़े की स्थिति बन गई। हालांकि पुलिस प्रशासन की मुस्तैदी से दो गुटों के बीच टकराव होने से पहले ही हालात को संभाल लिया गया।
इसके बाद बजरंग दल के कार्यकर्ता मालवीय उद्यान के समीप बीच सड़क पर बैठकर नारेबाजी करने लगे। काफी देर तक चले हंगामे के बाद अपर पुलिस अधीक्षक चंद्रमोहन सिंह के हस्तक्षेप से मामला शांत कराया गया।









