Department

Big Breaking:-उत्तराखंड की बेटियों ने खेल जगत में रचा इतिहास, जिस स्टेडियम से सीखी हॉकी वहां उपनिदेशक बनीं रशिका

उत्तराखंड की बेटियां खेल के माध्यम से पहचान बना रही हैं, अपने परिवार और प्रदेश का नाम रोशन कर रही हैं। नैनीताल जिले में रशिका सिद्दीकी उपनिदेशक खेल, पूनम सिरौला तैराकी प्रशिक्षक और किरन मौर्या सेपक टकरा कोच के रूप में खिलाड़ियों को राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रशिक्षित कर रही हैं।

हल्द्वानी। देवभूमि की बेटियों ने खेल से पहचान बनाकर अपने परिवार के साथ ही प्रदेश का नाम भी रोशन किया है। खेल में अच्छा मुकाम हासिल करने के बाद ही बेटियां आज खेल विभाग में बतौर अधिकारी व महिला प्रशिक्षक के रूप में तैनात हैं।

नैनीताल जिले में साहसिक खेल तैराकी, एक्शन गेम सेपक टकरा व काम्बैक्ट खेल ताइक्वांडो में महिला प्रशिक्षक खिलाड़ियों को राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिभाग करवाने के लिए प्रशिक्षण दे रही हैं। इसमें कई खिलाड़ी राष्ट्रीय खेलों, काम्नवेल्थ आदि खेल में प्रतिभाग कर चुके हैं। हाॅकी खेल में अच्छा मुकाम हासिल करने के बाद प्रदेश की पहली उप निदेशक खेल रशिका सिद्दीकी भी हल्द्वानी में ही तैनात हैं।

जिस स्टेडियम से सीखी हॉकी वहीं की उपनिदेशक बनीं रशिका

उप निदेशक खेल के पद में कार्यरत रशिका सिद्दीकी को यूं ही यह उपलब्धि नहीं मिली है। वह अपने बचपन से ही कट्टरवादी विचारधारा से लड़कर आगे बढ़ीं। माता-पिता ने भी पूरा सपोर्ट किया। रशिका सिद्दीकी कहती हैं कि बचपन में वह हल्द्वानी स्टेडियम में ही हॉकी खेलतीं थी। उसके बाद उन्होंने कई राष्ट्रीय स्तरीय स्पर्धाओं में प्रतिभाग किया।

खेल में आगे बढ़ने के बाद वह 1993 लखनऊ में खेल विभाग में डिप्टी आफिसर बनीं। इससे पहले उन्होंने 1989 में पटियाला से एनआइएस डिप्लोमा किया। इसके बाद उन्होंने उत्तराखंड में सेवाएं देना शुरू कीं। जिसपर ऊधमसिंह नगर में जिला क्रीड़ाधिकारी के बाद नैनीताल की जिला क्रीड़ाधिकारी बनीं। अब रशिका सिद्दीकी हल्द्वानी में उपनिदेशक के पद में कार्यरत हैं।

वर्ष 2000 में तैराकी प्रशिक्षक बनीं पूनम, कई प्रशिक्षक सरकारी नौकरी में

हल्द्वानी निवासी तैराकी प्रशिक्षक पूनम सिरौला बताती हैं कि राष्ट्रीय स्तरीय स्पर्धा में प्रतिभाग करने के बाद उनकी नौकरी वर्ष 2000 में नैनीताल जिले के खेल विभाग में लग गई।इसके बाद उन्होंने कई युवाओं को तैराकी सिखाई। जिसमें आज उनके कई प्रशिक्षक खेल कोटे से वन विभाग, शिक्षा विभाग आदि में सेवाएं दे रहे हैं।

वहीं अब तक जिले के 25 खिलाड़ियों को राष्ट्रीय स्तरीय स्पर्धाओं में प्रतिभाग करवा चुकी हैं। वहीं कुछ खिलाड़ी अंतरराष्ट्रीय स्पर्धाओं में भी प्रतिभाग कर चुके हैं। वर्तमान में भी वह अंतरराष्ट्रीय तरणताल में 80 से अधिक खिलाड़ियों को तैराकी सिखा रही हैं।

तीन साल से सेपक टकरा कोच की जिम्मेदारी निभा रहीं किरन

हीरानगर निवासी राष्ट्रीय खिलाड़ी किरन मौर्या हल्द्वानी स्टेडियम में तीन सालों से खिलाड़ियों को सेपक टकरा खेल का प्रशिक्षण दे रही हैं। किरन कहती हैं कि थाईलैंड के इस एक्शन गेम सेपक टकरा तीन खेलों के मिश्रण से बना हुआ है। इस खेल में फुटबाल, वालीबाल व जिम्नास्टिक की बारिकियां सिखाई जाती हैं।

वालीबाल की तरह नेट के दोनों तरफ खिलाड़ी होते हैं और पांव से बाल मारकर एक दूसरे के खिलाफ गोल करते हैं। कहा कि उनसे सीखे हुए खिलाड़ी आल इंडिया खेलों में प्रतिभाग कर पदक भी जीत चुके हैं।उत्तराखंड में इस खेल का क्रेज काफी बढ़ रहा है।

Ad Ad
"उत्तराखण्ड आई" उत्तराखण्ड तथा देश-विदेश की ताज़ा ख़बरों व समाचारों का एक डिजिटल माध्यम है। अपने विचार अथवा अपने क्षेत्र की ख़बरों को हम तक पहुंचानें हेतु संपर्क करें। धन्यवाद! Email: [email protected]

GET IN TOUCH

संपादक: शाहबाज हुसैन
पता: किशनपुर, देहरादून, उत्तराखण्ड
दूरभाष: +91 70171 42309
ई-मेल: [email protected]

To Top