Big Breaking:-‘भूत मंदिर’ से डरा उत्तराखंड का शिक्षा विभाग, कहा- ‘स्कूल का नहीं कोई संबंध’

राइंका कौसानी में ‘भूत मंदिर’ विवाद पर खंड शिक्षा अधिकारी की जांच ने स्थिति स्पष्ट कर दी है। जांच में सामने आया कि मंदिर का स्कूल से सीधा संबंध नहीं है और पीटीए की धनराशि सुरक्षित है।

गरुड़। राइंका कौसानी में कथित ‘भूत मंदिर’ को लेकर उठे विवाद पर अब स्थिति साफ हो गई है। खंड शिक्षा अधिकारी की जांच में सामने आया है कि इस मंदिर का राजकीय इंटर कालेज कौसानी से कोई प्रत्यक्ष संबंध नहीं है और पीटीए की धनराशि भी पूरी तरह सुरक्षित है।

मंगलवार को खंड शिक्षा अधिकारी कमलेश्वरी मेहता ने विद्यालय पहुंचकर पूरे मामले की गहन जांच की। उन्होंने विद्यालय के अभिलेखों के साथ-साथ पीटीए के आय-व्यय के बिलों का भी मिलान किया। जांच के बाद उन्होंने स्पष्ट किया कि मंदिर का निर्माण स्थानीय लोगों द्वारा अपनी लोक मान्यता के आधार पर किया गया है। उन्होंने बताया कि यह मंदिर विद्यालय परिसर के बाहर स्थित है।

हालांकि, विद्यालय में चाहरदीवारी नहीं होने के कारण मंदिर तक पहुंचने का रास्ता स्कूल परिसर से होकर गुजरता है, जिससे भ्रम की स्थिति बनी। जांच में यह भी सामने आया कि मंदिर निर्माण के लिए पीटीए से केवल छह हजार रुपये की राशि दी गई थी, जबकि शेष धनराशि सुरक्षित है। विद्यालय में पढ़ने वाले अधिकांश बच्चे भी स्थानीय परिवारों से ही हैं, जिनकी आस्था इस मंदिर से जुड़ी है।

खंड शिक्षा अधिकारी ने कहा कि जल्द ही विद्यालय की चाहरदीवारी का निर्माण कराया जाएगा और परिसर में सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे, ताकि पूजा के नाम पर गंदगी फैलाने वालों की पहचान की जा सके।

उन्होंने अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील करते हुए कहा कि इस तरह की भ्रामक खबरों से विद्यालय की छवि खराब होती है। साथ ही उन्होंने किसी भी प्रकार की वित्तीय या प्रशासनिक गड़बड़ी से साफ इंकार किया है।

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