
उत्तराखंड के जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थानों (डायट) में लंबे समय से रिक्त पदों को अब प्रतिनियुक्ति के माध्यम से भरा जाएगा। शिक्षा सचिव रविनाथ रामन ने इस संबंध में शासनादेश जारी किया है, जिससे प्रशिक्षण व्यवस्था मजबूत होगी।
देहरादून। प्रदेश के सभी जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थानों (डायट) में लंबे समय से रिक्त चल रहे पदों को अब प्रतिनियुक्ति के माध्यम से भरा जाएगा।
शिक्षा सचिव रविनाथ रामन ने गुरुवार को इस संबंध में शासनादेश जारी किया। आदेश में कहा गया है कि नियमित नियुक्ति होने तक अन्य संस्थानों से अनुभवी शिक्षकों की तैनाती की जाएगी।
शासनादेश के अनुसार जिन डायटों में निर्धारित संख्या से अधिक शिक्षक तैनात हैं, वहां से शिक्षकों का तबादला रिक्त पद वाले डायटों में किया जाएगा। वहीं, शैक्षिक मानकों को पूरा नहीं करने वाले शिक्षकों को उनके मूल विद्यालय वापस भेजा जाएगा।
शिक्षा विभाग के अनुसार डायट में वरिष्ठ प्रवक्ता, प्रवक्ता, कार्यानुभव शिक्षक, तकनीकी सहायक और सांख्यिकीकार सहित कुल 17 पद स्वीकृत हैं।
यदि इनमें कोई पद खाली है तो विभाग प्रतिनियुक्ति के आधार पर नियुक्ति कर सकेगा। इससे प्रशिक्षण संस्थानों में शिक्षण व्यवस्था मजबूत होगी और प्रशिक्षु शिक्षकों को विषय विशेषज्ञ उपलब्ध हो सकेंगे।
प्रति डायट विषयवार पद
प्रत्येक डायट में सामाजिक विज्ञान के चार, विज्ञान के तीन, जबकि गणित, अंग्रेजी, हिंदी और संस्कृत के दो-दो शिक्षक रखे जाएंगे। इसके अलावा भूगोल, इतिहास, राजनीति विज्ञान, अर्थशास्त्र, क्रिएटिव आर्ट और शारीरिक शिक्षा के एक-एक शिक्षक तैनात होंगे।
वर्ष 2013 के शासनादेश पर नहीं बनी विभागीय निमावली
27 जून, 2013 को एक शासनादेश जारी किया गया था जिसमें विषयवार 17 पदों के सृजित किया गया था। शासनादेश के बाद आज तक विभाग ने जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान की विभागीय नियमावली नहीं बनाई और गुरुवार को नया शासनादेश जारी कर प्रतिनियुक्ति पर आवश्यक कार्यवाही के आदेश दे दिए गए हैं। जिस पर शिक्षक गंभीर सवाल खड़े कर रहे हैं।









