
ऋषिकेश में एम्स की अटेंडेंट प्रीति की गोली मारकर हत्या कर दी गई। यह घटना शिवाजी नगर में उनके किराए के घर पर हुई। पुलिस को एकतरफा प्रेम प्रसंग का संदेह है,
और हत्यारा मौके से फरार हो गया। प्रीति तलाकशुदा थीं और उनका एक आठ साल का बेटा है। पुलिस मामले की जांच कर रही है और आरोपित की तलाश जारी है।


ऋषिकेश। एम्स ऋषिकेश की अटेंडेंट महिला की शनिवार रात गोली मारकर हत्या कर दी गई। मूल रूप से यमकेश्वर की रहने वाली महिला तलाकशुदा थी।
घटना के बाद हत्यारोपित मौके से फरार हो गया। फिलहाल हत्या का कारण स्पष्ट नहीं हो पाया है।
पुलिस का कहना है कि जान-पहचान के व्यक्ति ने ही महिला की हत्या की है। मामला एकतरफा प्रेम प्रसंग से भी जुड़ा हो सकता है। घटना शिवाजी नगर क्षेत्र की है।
पुलिस के अनुसार, 35 वर्षीय प्रीति एम्स ऋषिकेश में अटेंडेंट थी। शनिवार रात करीब 10 बजे वह शिवाजी नगर स्थित किराने के घर में थी।
इसी दौरान एक युवक वहां पहुंचा। उसने प्रीति के कमरे का दरवाजा खटखटाया। प्रीति ने जैसे ही दरवाजा खोला, आरोपित ने गोली चला दी।
गोली प्रीति के सीने में लगी। गोली चलने की आवाज सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंच गए। मगर तब तक गोली चलाने वाला वहां से फरार हो चुका है।
स्थानीय लोगों ने घटना की सूचना पुलिस को दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने खून से लथपथ प्रीति को एम्स पहुंचाया, जहां जहां डाक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
ऋषिकेश कोतवाली के प्रभारी निरीक्षक कैलाश चंद्र भट्ट ने बताया कि महिला आउटसोर्स एजेंसी के माध्यम से एम्स में अटेंडेंट का काम करती थी।
उसका करीब आठ साल का पुत्र है, जो अपने नाना के साथ गांव में रहता है। उन्हें भी सूचना दे दी गई है।
प्रभारी निरीक्षक के अनुसार, मामला एकतरफा प्रेम प्रसंग से जुड़ा हो सकता है। हत्यारोपित मौके से फरार हो गया। उसकी तलाश में टीमें लगाई गई हैं। पुलिस के अनुसार, वह मृतका को पहले से जानता था। मौके पर फारेंसिक टीम को बुलाया गया है।
घटना के बाद मची अफरा-तफरी
महिला जिस जगह किराये पर रहती थी, वह घर एकांत में है। यह क्षेत्र एम्स के पीछे स्थित है। जिस घर में हत्याकांड हुआ, उस घर के मुख्य दरवाजे पर कमरे में लकड़ी व जाली के दो दरवाजे थे।
महिला ने अंदर का लकड़ी का दरवाजा खोला था और जाली वाला दरवाजा बंद ही था। वहीं से हत्यारे ने महिला को गोली मारी। पुलिस जाली का दरवाजा तोड़कर घर के अंदर पहुंची। एसपी देहात जया बलूनी भी मौके पर पहुंचीं।









