
डोईवाला के प्रभारी खंड शिक्षा अधिकारी धनबीर सिंह को रिश्वत लेने के आरोप में 22 दिन बाद निलंबित कर दिया गया है। विभागीय मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने भ्रष्टाचार के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति दोहराई है।
देहरादून। रिश्वत लेने के आरोप में डोईवाला के प्रभारी खंड शिक्षा अधिकारी धनबीर सिंह को निलंबित करने में 22 दिन लग गए। डोईवाला के प्रभारी खंड शिक्षा अधिकारी (बीईओ) बीते दो अप्रैल को एक लाख रुपये की रिश्वत लेते हुए पकड़े गए थे।
विभागीय मंत्री डा.धन सिंह रावत ने प्रभारी बीईओ के निलंबन प्रस्ताव को स्वीकृति दे दी है, शीघ्र ही शासन स्तर से निलंबन आदेश जारी कर दिये जाएंगे।
डा. रावत ने कहा कि विभाग में भ्रष्टाचार व अनुशासनहीनता कतई भी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
डा धन सिंह रावत ने बताया कि शिक्षा विभाग में भ्रष्टाचार और अनुशासनहीनता किसी भी सूरत में स्वीकार नहीं की जाएगी।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ‘जीरो टालरेंस’ की नीति पर प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। इसके बावजूद कतिपय कर्मचारी विभाग की छवि को धूमिल करने से बाज नहीं आ रहे हैं। ऐसे कार्मिकों खिलाफ कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जा रही है।
डा. रावत ने कहा कि हाल ही में विजिलेंस टीम ने डोईवाला में तैनात प्रभारी खंड शिक्षा अधिकारी धनबीर सिंह को रिश्वत लेते हुए रंगेहाथ पकड़ा था। उन्हें गिरफ्तार किया गया है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए संबंधित अधिकारी को उत्तराखंड सरकारी सेवक (अनुशासन एवं अपील) नियमावली, 2003 के प्रविधानों के अंतर्गत तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया है।
उन्होंने विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि विभाग में ऐसे प्रकरणों की पुनरावृत्ति रोकने के लिए समय-समय पर निरीक्षण करें, साथ ही छात्र-छात्राओं, अभिभावकों एवं आमजन से फीडबैक लेकर व्यवस्था को और अधिक पारदर्शी बनाएं।









