इंडी गठबंधन ने उत्तराखंड में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया में कथित धांधली के खिलाफ व्यापक आंदोलन का निर्णय लिया है।
देहरादून। विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआइआर) प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं और धांधली के विरोध में इंडी गठबंधन उत्तराखंड में भी आंदोलन को व्यापक रूप देगा।
प्रदेश कांग्रेस कमेटी कार्यालय में प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल की अध्यक्षता में गठबंधन के सहयोगी दलों की बैठक में इस संबंध में रणनीति तय की गई।
बैठक में एसआइआर के दौरान मतदाता सूचियों में मनमाने ढंग से नाम जोड़ने अथवा हटाने, पात्र मतदाताओं को परेशान किए जाने और निर्वाचन प्रक्रिया की पारदर्शिता पर उठ रहे सवालों पर चर्चा हुई।
वक्ताओं ने कहा कि मतदाता सूची लोकतंत्र की बुनियाद है। किसी पात्र नागरिक को मताधिकार से वंचित करना लोकतांत्रिक अधिकारों पर प्रहार है। एसआईआर प्रक्रिया पारदर्शी, निष्पक्ष और संवैधानिक मर्यादाओं के अनुरूप होनी चाहिए।
इंडी गठबंधन के नेताओं ने कहा कि कांग्रेस और सहयोगी दल संयुक्त रूप से जनता के बीच जाएंगे और कथित अनियमितताओं को सामने रखेंगे।
बैठक में मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे तथा उनके विरुद्ध लगाए जा रहे आरोपों की निष्पक्ष जांच और आवश्यक कानूनी कार्रवाई की मांग को लेकर आंदोलन तेज करने पर भी सहमति बनी।
कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष गोदियाल ने कहा कि निर्वाचन आयोग की निष्पक्षता लोकतंत्र में सर्वोच्च महत्व रखती है। बैठक में मतदाता बचाओ-लोकतंत्र बचाओ अभियान को बूथ स्तर तक ले जाने का संकल्प भी लिया गया।
13 लाख वोटरों का विधानसभावार ब्यौरा दे आयोग: धस्माना
प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ उपाध्यक्ष सूर्यकांत धस्माना ने शनिवार को घोषित राज्य की अंतिम मतदाता सूची पर असंतोष जताया है। राजीव भवन में पत्रकारों से वार्ता में उन्होंने कहा कि प्री-एसआइआर और एसआइआर के दौरान हटाए गए 13 लाख से अधिक मतदाताओं का विधानसभा-वार पूरा ब्यौरा सार्वजनिक किया जाना चाहिए।
उन्होंने आरोप लगाया कि अधिकांश मतदाताओं को वोट चोरी के फार्मूले के तहत हटाया गया। फार्म-छह और फार्म-सात में गड़बड़ी सामने आने के बाद आयोग के रुख पर भी सवाल उठे हैं।